• ग्वालियर सहित पांच अन्य शहरों में महिला एवं बाल विकास विभाग का मप्र सेफ सिटी मिशन शुरू

ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। महिला सुरक्षा को लेकर महिला एवं बाल विकास अब गंभीर हो चुका है। इसके लिए विभाग ने मप्र सेफ सिटी मिशन शुरू कर दिया है, जिसके दायरे में ग्वालियर, जबलपुर, इंदौर, भोपाल, छतरपुर और छिंदवाड़ा को रखा गया है। इन शहरों में महिलाओं के साथ होने वालीं घटनाओं में लगातार वृद्धि हो रही है। महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त संचालक सुरेश तोमर ने बताया मिशन में टूरिज्म सेफ सिटी प्रोग्राम को भी जोड़ लिया गया है, क्योंकि कुछ पर्यटन स्थलों पर महिलाओं के साथ हो रहीं घटनाओं की शिकायत थाने तक पहंुच रही हैं। विशेष फोकस आरेछा और खजुराहो पर किया जा रहा है। मिशन से पुलिस विभाग, परिहवन विभाग, रागिनी फाउंडेशन, वन स्टाप सेंटर और टूरिज्म को जोड़ा गया है। मिशन को ठीक से संचालित करने के लिए निर्भया कांड से लगभग 30 लाख रुपये का फंड भी स्वीकृत हो चुका है। महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त संचालक सुरेश तोमर ने बताया विभाग का उद्देश्य तय शहरों में फियरलैस वातावरण बनाने का है। मिशन के अंतर्गत शैक्षणिक संस्थानों में भी कार्यशालाओं का संचालन किया जाएगा। उन्होंने बताया स्कूल और कालेज के बाहर जवान आते-जाते रहेंगे, जिससे अपराधियों के मन में खौफ रहे।

महिला वर्ग को कुछ इस तरह से मिलेगी मदद

वन स्टाप सेंटर

चयनित शहरों में स्थित सेंटर पर महिलाओं से जुड़े दुष्कर्म, छेड़छाड़ और घरेलू हिंसा की जानकारी पुलिस थानों को भेजनी होगी। संबंधित महिला का एक रिकार्ड थाने में रहेगा और दूसरा वन स्टाप सेंटर में। इसके बाद पुलिस थाने के साथ-साथ वन स्टाप सेंटर भी महिला को न्याय दिलाएगा।

सेफ टूरिज्म डेस्टिनेशन फार वुमन

आने वाले समय में खजुराहो और ओरछा पहंुचने वाले सैलानियों पर पुलिस की विश्ोष निगरानी रहेगी। अभी तक स्थानीय आवांछनीय तत्व बाहर के सैलानियों पर फब्तियां कस देते थे। अगर कोई ऐसा करते हुआ पाया गया तो उसके लिए दंड का प्रविधान रहेगा।

परिवहन विभाग

इसके अंतर्गत पब्लिक ट्रांसपोर्टर जैसे बस, आटो ड्रायवरों को महिला सवारी के साथ उचित व्यवहार रखने की ट्रेनिंग दी जाएगी। उनके लिए चयनित शहरों में कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा। इनमें ट्रांसपोर्ट यूनियन से जुड़े सदस्यों को आमंत्रित किया जाएगा।

पुलिस विभाग

इस विभाग को महिलाओं के साथ हुए अपराध पर तत्काल एक्शन लेना होगा। केस से संबंधित जानकारी महिला एवं बाल विकास विभाग तक भी भेजनी होगी। इससे शहरों में सुरक्षा का माहौल बनेगा। अपराधियों को भी लगेगा वे कानून की नजरों से बच नहीं सकेंगे।

सामाजिक संस्थाएं

शहर में आए कार्यक्रम आयोजित करने वालीं संंस्थाओं से कहा जाएगा कि वे साथ अवेयरनेस प्रोग्राम चलाएं। महिलाओं के साथ हो रहीं घटनाओं को उजागर करें, साथ ही महिलाओं को उनके हित में संचालित की जा रहीं योजनाओं के बारे में बताएं। अगर कोई महिला प्रताड़ित है तो उससे संपर्क कर न्याय के रास्ते पर लेकर जाएं।

घटनाओं की कुछ ऐसी स्थिति है हमारे शहर में

जनवरी 2020 से लेकर 2021 तक की स्थिति

माह छेड़छाड़ दुष्कर्म अपहरण

जनवरी 48 22 24

फरवरी 48 26 23

मार्च 43 14 21

अप्रैल 18 08 05

मई 23 25 07

जून 34 18 18

जुलाई 28 15 15

अगस्त 28 14 12

सितंबर 37 20 19

अक्टूबर 38 16 09

नवंबर 33 13 14

दिसंबर 33 12 15

एक साल में हम निकले इंदौर भोपाल से आगे

ग्वालियर-2812 घटनाएं महिलाओं के साथ हुईं

भोपाल-2724 घटनाएं महिलाओं के साथ हुईं

इंदौर-2668 घटनाओं से यह शहर तीसरे स्थान पर

Posted By: anil.tomar

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