दीपक सविता, ग्वालियर Gwalior News । ग्वालियर में हाईवे के किनारे करीब 200 बीघा जमीन पर बरसाती पानी से भरने वाले रमौआ बांध पर किसानों का कब्जा था। किसान खेती के लिए बांध का गेट तोड़कर पानी जमा ही नहीं होने देते थे। साल के 8 से 10 माह खेती करते थे। इससे आसपास के 25 से ज्यादा गांवों का जलस्तर काफी नीचे चला गया। 2013 में जब झील महोत्सव की शुरुआत हुई तो तत्कालीन कलेक्टर पी नरहरि के संज्ञान में यह मामला आया। इसके बाद पट्टों को निरस्त करके जल संसाधन विभाग निर्देश दिए गए कि बांध की मरम्मत कराई जाए।

बांध पर दोबारा कब्जा न हो इसके लिए ग्रामीणों की निगरानी समिति भी बनाई गई। तब से बांध में छह माह तक पानी भरा रहने लगा है। अब इससे किसानों को खेती के लिए पानी मिलता है। प्रशासन अब इसी बांध की सफलता की कहानी सुनाकर जिले के 85 बांधों को पुनर्जीवित करने की योजना पर काम कर रहा है।

रमौआ बांध के छह माह तक भरे रहने से आसपास के 25 गांवों का भू-जल जलस्तर 60 फीट तक आ गया है। पहले यह 200 फीट पर था। इससे आसपास के खेतों में धान सहित अन्य फसलें लहलहाने लगी हैं। प्रशासन बांध को भरने के साथ ही मुरार नदी में स्वच्छ पानी बहाने के लिए 50 करोड़ रुपये खर्च करने जा रहा है।

रमौआ गांव निवासी पातीराम प्रजापति बताते हैं कि बांध की जमीन को शासन के कहने पर छोड़ दिया था। अब बांध के बाहर जमीन पर हम खेती करते हैं और फसल भी अच्छी होती है। गांव के ही भूपेंद्र सिंह गुर्जर के मुताबिक बांध भरा होने से पशुओं को पानी आसानी से मिल जाता है। हम इसकी निगरानी भी करते हैं।

पूरे साल भरा रहेगा रमौआ

हरसी हाईलेवल नहर से अब रमौआ बांध को जोड़ दिया गया है। इस बांध को बारिश के बाद हरसी हाईलेवल की नहर से भरने की योजना है। इससे बांध में साल भर पानी रहेगा। इस बांध से मुरार नदी में भी साफ पानी छोड़ा जाएगा और नाला बन चुकी मुरार नदी भी पुनर्जीवित हो जाएगी। ज्ञात हो कि स्टेटकाल में शहर से बहने वाली मुरार नदी पर रमौआ, खेरिया, छौड़ा, पनिहार, व जडेरूआ बांध बनाए गए थे।

- बांध पूरे साल भरा रहे इसलिए हरसी हाइलेवल से पानी लाया जाएगा। बांध के बड़े रिसाव ठीक हो चुके हैं, छोटे रिसाव रोकने भूगर्भीय सर्वे कराया गया है। - एस के शर्मा, उपयंत्री जल संसाधन विभाग व प्रभारी रमौआ बांध

- जिले के 85 बांधों के संरक्षण की कार्य की योजना तैयार है। इस पर जल्दी काम शुरू कर दिया जाएगा। पूर्व में भी तालाबों का गहरीकरण, तटबंध बांधना आदि कार्य किए हैं। - शिवम वर्मा, सीईओ जिला पंचायत

Posted By: Sandeep Chourey

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