Gwalior News: ग्वालियर, नईदुनिया प्रतिनिधि। स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट कारपोरेशन दिव्यांगों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रयासरत है। कारपोरेशन ने ड्रीमहैचर इंक्यूबेशन सेंटर में दिव्यांगों के लिए ट्रेनिंग शुरू कर दी है, जहां विशेषज्ञ उन्हें जीवन जीने की कला तो सिखा रहे हैं, साथ ही ऐसे भी टिप्स दे रहे हैं, जो उनके करियर के लिए मददगार हो सकें। इस कार्य को आगे बढ़ाने में दिव्यदृष्टि एजुकेशन एंड वेलफेयर सोसायटी का सहयोग लिया जा रहा है। बाहर के दिव्यांगों को शहर में ही सुविधा देने के लिए पड़ाव स्थित पीडब्ल्यूडी आफिस के पास जिला कलेक्टर द्वारा 16 से 18सौ स्क्वायर फीट में हास्टल तैयार कराया जा रहा है। पहले चरण में इस हास्टल को सौ सीटर किया जा रहा है। अगर आगे जरूरत पड़ी तो इस संख्या को बढ़ाकर पचास कर दिया जाएगा। इस हास्टल में गरीबी रेखा के नीचे आने वाले दिव्यांग ठहर सकेंगे।

दिव्यदृष्टि एजुकेशन एंड वेलफेयर सोसायटी के संस्थापक अंकुश गुप्ता ने बताया कि सेंटर में फिलहाल 35 दिव्यांग बच्चों को ब्रेललिपि के साथ टेक्टाइल इंबोज बुक एवं आडिया/वीडियो से पढ़ाया जा रहा है। अंकुश और उनकी टीम ने डीडीआरसी से डाटा लेकर ऐसे बच्चों को इस सेंटर से जोड़कर शिक्षित कराने की तैयारी शुरू कर दी है, जो मंदिरों के बाहर भीख मांगकर अपना पेट भर सकेंगे। दिव्यांगों के लिए सरकार की तरफ से कई योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। शिक्षित होने के बाद वे इन योजना का लाभ उठा सकेंगे। मंदिरों के बाहर भीख मांगने वाले बच्चों को हस्तकला व हथकरघा कला सिखाई जाएगी। देखा जाए तो दिव्यांग भले ही सामान्य व्यक्तियों से भिन्न् होते हैं, लेकिन उनके सोचने समझने की क्षमता पूरी तरह से स्वस्थ होती है। ऐसा मनोवैज्ञानिक भी मान चुके हैं।

प्रेरणा देते हैं शिक्षकों के लेक्चरः ड्रीमहैचर इंक्यूबेशन सेंटर से ऐसे शिक्षकों को जोड़ा गया है, जो भले ही शारीरिकरूप से कमजोर हैं, लेकिन उन्होंने अलग-अलग क्षेत्राें में शहर का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन हो। ये शिक्षक ही दिव्यांग बच्चों को शिक्षित कर रहे हैं। खास बात है ग्वालियर के पूर्व कलेक्टर अनुराग चौधरी दो दिव्यांगों को गोद ले चुके हैं, जिनकी पढ़ाई का खर्चा वे खुद उठा रहे हैं। स्मार्ट सिटी की सीईओ जयति सिंह का कहना इंक्यूबेशन सेंटर में संस्था द्वारा कंप्यूटर लैब तैयार की जा रही है। इसमें दस कंप्यूटर लगाए जाएंगे। जहां कंप्यूटर शिक्षक दिव्यांगों को उनकी भाषा में ही ट्रेंड करेंगे।

Posted By: vikash.pandey

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

 
Show More Tags