Gwalior News: ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। विशेष सत्र न्यायाधीश अजय सिंह ने आरक्षक भर्ती घोटाले के चार आरोपितों को चार-चार साल की सजा सुनाते हुए अर्थदंड भी लगाया है। इनमें दो परीक्षार्थी और दो साल्वर हैं। उमेश सोनकर (साल्वर) निवासी कोरा कनक जिला फतेहपुर उप्र, जगदीश कुमार जाट (परीक्षार्थी) निवासी विजयगढ़ जिला अलीगढ़, उप्र, पवन कुमार मीणा (साल्वर) निवासी डडवाडा, जिला कोटा, राजस्थान, अनिल कुमार निवासी (परीक्षार्थी) निवासी मुजुपुर, जिला अलीगढ़, उप्र को चार-चार साल की सजा सुनाई गई है।

उमेश व पवन पर 5100-5100 रुपये, जबकि अनिल कुमार व जगदीश पर 3500 रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। एक आरोपित डालर चौधरी की ट्रायल किशोर न्यायालय में लंबित है। सीबीआइ की ओर से पैरवी चंद्रपाल ने की। कोर्ट ने चारों आरोपितों को सजा काटने के लिए जेल भेज दिया है।

उल्लेखनीय है कि व्यापम (अब पीईबी) ने 15 सितंबर 2013 को आरक्षक भर्ती परीक्षा का आयोजन किया था। शिवपुरी लिंक रोड स्थित आइपीएस कालेज में अनिल कुमार व जगदीश कुमार जाट का सेंटर पड़ा था। दोनों परीक्षा देने नहीं पहुंचे और अपनी जगह साल्वर को भेज दिया।

रूम नंबर-6 में इनकी परीक्षा थी। जब फोटो का मिलान किया जा रहा था तो वह मिसमैच हो गया। सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने दोनों परीक्षार्थियों से पूछताछ की। अनिल कुमार की जगह उमेश चंद्र सोनकर व जगदीश की जगह पवन कुमार मीणा परीक्षा देने आया था। पुलिस से मामला सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सीबीआइ के सिपुर्द हो गया। सीबीआइ ने अतिरिक्त जांच कर चालान पेश किया और न्यायालय में ट्रायल पूरी कराई।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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