ग्वालियर Gwalior News मध्यप्रदेश के बच्चों को कुपोषण से मुक्त करने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को अंडे खिलाने के बयान पर महिला बाल एवं विकास मंत्री इमरती देवी मुश्किलों में फंसती नजर आ रहीं हैं। अंडा बांटने का बयान इमरती कांग्रेस में रहते हुए भी देती रहीं हैं और भाजपा में आने के बाद भी दोहरा रही हैं। गुरुवार को इमरती देवी ने कहा था कि कोई भी इसका विरोध करे, मैं प्रदेश के बच्चों को कुपोषण से मुक्त कराने के लिए अंडे देने के पक्ष में हूं।

उन्होंने साथ में यह भी जोड़ा था कि जो बच्चे अंडे नहीं खाना चाहते हैं, उन्हें फल दिए जाएंगे । बता दें कि आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को अंडा देने का भाजपा पहले विरोध कर चुकी है। इमरती इस मुद्दे पर सीएम से चर्चा करने की बात भी कह रहीं हैं। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस विवाद से को स्वयं को दूर करते हुए शुक्रवार को ग्वालियर में मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि यह सरकार का मुद्दा है। इमरती देवी सरकार में मंत्री हैं। शिवराज सिंह चौहान मुख्यमंत्री है।

संगठन और सरकार का काम अलग है। इसलिए सत्ता का सवाल मंत्री और सीएम से पूछे। दूसरी तरफ दिगंबर जैन मुनि संघ सेवा समिति भोपाल मनोहर टोंग्या ने आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को अंडा खिलाने के इमरती देवी के बयान पर कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने डबरा विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं से अपील की है कि जो लोग अपने बच्चों को शाकाहरी रखना चाहते हैं वे, इमरती देवी को अपना मत नहीं दें। आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को अंडें वितरित किये जाना एक बार फिर राजनीतिक मुद्दा बन रहा है। हालांकि शुक्रवार को इमरती एक दिन पहले दिए बयान पर चुप्पी साधे हुए हैं।

Posted By: Sandeep Chourey

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