ग्वालियर, नईदुनिया प्रतिनिधि। निजी नर्सिंग होम के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई हर बार की तरह दिखावा ही साबित हुई है। बहोडापुर पर जिस समर्थ हॉस्पिटल को बंद कराया था, उसके ताले फिर खुल गए हैं। वहां नर्सिंग स्टाफ के साथ ही पूरा अमला काम पर लौट आया है, मेडिकल स्टोर का संचालन भी होने लगा है। वेदांश हॉस्पिटल के मामले को जीआर मेडिकल कॉलेज को भेजकर विभाग ने इतीश्री कर ली है। थाटीपुर में लाइफ केयर हॉस्पिटल ने एक महिला मरीज की जान से खिलवाड़ किया है। मगर विभाग ने अब तक जांच तक कराना जरूरी नहीं समझा है।

कलेक्टर अनुराग चौधरी के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने करीब एक माह में आधा दर्जन से अधिक नर्सिंग होम का निरीक्षण किया है। गंभीर अनियमितताएं भी मिली, डॉक्टर तक नदारद मिले जबकि कुछ जगह तो बीएचएमएस डॉक्टर इलाज करते हुए पाए गए। इन सभी को नोटिस जारी करके विभाग ने खानापूर्ति कर ली है। जिम्मेदारों ने अब तक नर्सिंग होम द्वारा दिए गए जवाब तक नहीं देखे हैं।

इसी प्रकार बहोडापुर पर जिस समर्थ नर्सिंग होम को बंद कराया था, उसके ताले दो दिन पहले खुल चुके हैं। इसमें मरीजों का उपचार फिर से शुरू हो गया है। जबकि स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि हमने तो केवल मकान मालिक की याचिका पर भवन का ताला खोलने के निर्देश दिए थे। क्योंकि उसको किसी अन्य को जगह किराए पर देना थी। विभाग ने यह देखना तक जरूरी नहीं समझा कि वास्तव में हॉस्पिटल का संचालन बंद हुआ भी है या जारी है।

लाइफ केयर की जांच तक नहीं हुईः 16 जुलाई 2017 को निर्मला पत्नी वीरू राठौर का थाटीपुर स्थित लाइफ केयर हॉस्पिटल में ऑपरेशन हुआ था। जिसमें पेट में कॉटन बैडेंज छोड़ दी गई थी। इस लापरवाही के खिलाफ कार्रवाई के लिए महिला पिछले करीब दो साल से जंग लड़ रही है, मगर कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही। कलेक्टर को भी आवेदन दिया, लेकिन अब तक स्वास्थ्य विभाग ने हॉस्पिटल संचालक के खिलाफ कोई एक्शन ही नहीं लिया है। निजी नर्सिंग होम को लेकर विभाग के लचर रूख के कारण पीड़िता को अब तक न्याय नहीं मिल सका है।

नोटिस की खानापूर्ति

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने नाका चंद्रवदनी स्थित सिद्धांत हॉस्पिटल, वेदांश हॉस्पिटल, सहयोग हॉस्पिटल, फैमिली केयर सहित कई अन्य हॉस्पिटल की जांच की थी। इनमें कई में गंभीर अनियमितताएं मिली थी, मगर नोटिस की खानापूर्ति करके विभाग ने चुप्पी साध ली है। इससे स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई भी सवालों के घेरे में आ गई है।

मेडिकल कॉलेज को भेजा प्रकरण

वेदांश हॉस्पिटल में हुई महिला की मौत के मामले में प्रकरण जीआर मेडिकल कॉलेज के बोर्ड को भेज दिया है। जिससे पता लगाया जा सके कि महिला की मौत का कारण क्या रहा है। वहीं एसपी को पत्र लिखकर पीएम रिपोर्ट का रिव्यू कराने के लिए कहा गया है। जिससे यह पता चल सके कि क्या उपचार में कोई लापरवाही बरती गई है।

भवन मालिक ने हमसे आग्रह किया था कि उसको किसी अन्य को जगह किराए पर देना है। इसलिए समर्थ हॉस्पिटल पर डाला ताला खोल दिया जाए। वहां किसी प्रकार की चिकित्सीय गतिविधि नहीं हो सकी है। यदि ऐसा हो रहा है तो हम टीम भेजकर कार्रवाई कराएंगे। लाइफ केयर हॉस्पिटल के मामले में हमने डीएचओ को निर्देश दिए हैं। अन्य हॉस्पिटल के मामले में नोटिस के बाद क्या कार्रवाई हुई है, मैं नोडल ऑफिसर से इस संबंध में जानकारी लूंगा। डॉ मृदुल सक्सेना, सीएमएचओ

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