Gwalior News: ग्वालियर. नईदुनिया प्रतिनिधि। चेतकपुरी स्थित मेट्रो अस्पताल में भर्ती मरीज की मौत हो गई। मृतक के भतीजे दीपेन्द्र राठौर का आरोप है कि अस्पताल में डाक्टर के स्थान पर केवल उनका स्टाफ ही उपचार दे रहा था। डाक्टर मरीज को देखने तक नहीं आते थे, इलाज में लापरवाही बरती गई। मृतक के पास आयुष्मान कार्ड था, लेकिन डाक्टर ने कहा कि आयुष्मान के तहत जो पैसा मिलता है उसकी लिमिट समाप्त हो चुकी। तब दो दिन पहले ही एक लाख रुपये जमा किए। मरीज को उपचार से लाभ भी हो रहा था, शनिवारको डिस्चार्ज करने की बात कही गई थी और अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही से मरीज की मौत हो गई। नाका चंद्रबदनी के रहने वाले 55 वर्षीय भगवानदास राठौर को न्यूरोलोजिकल समस्या के साथ फेफड़े में संक्रमण था। दोंनो ही बीमारियों का पिछले दस दिन से उपचार चल रहा था। न्यूरोसर्जन से भी परामर्श लिया गया था लेकिन सर्जरी संभव नहीं थी इसलिए दवाओं के माध्यम से उपचार किया जा रहा था। काफी कुछ स्वास्थ्य में सुधार भी हुआ था। पर अचानक शनिवार को उसकी तबियत बिगड़ी और मौत हो गई। अस्पताल में ट्रेंड स्टाफ व ड्यूटी डाक्टर भी मौजूद थे जिन्होंने मरीज को बचाने का पूरा प्रयास किया लेकिन माना जा रहा है कि कार्डियक अरेस्ट के कारण उसकी मौत हो गई। मौत की खबर लगते ही अटेंडेंटो ने अस्पताल में तोड़फोड़ कर दी और स्टाफ के साथ भी मारपीट की। अटेंडेंटों के हंगामा के चलते स्टाफ को खुद काे बचाने के लिए छिपना पड़ा जिससे अन्य मरीजों की जान भी आफत में आ गई। लेकिन सूचना मिलने पर तत्काल पुलिस मौके पर आई जिससे मामला शांत हुआ और मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए पुलिस ने भेज दिया था मर्ग दर्ज कर लिया। अस्पताल की ओर से भी पुलिस को शिकायती आवेदन दिया गया है।
Posted By: anil tomar
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