ग्वालियर, नईदुनिया प्रतिनिधि। Gwalior News : हाईकोर्ट बार एसोसिएशन व वकील आमने सामने आ गए हैं। बार ने जज के सम्मान में रखे गए भोज में जूनियरों वकीलों से 200 रुपए की मांग की है। इसको लेकर सोशल मीडिया पर विरोध शुरू हो गया है। जूनियर वकील इसे अपमान समझ रहे हैं। साथ ही कोर्ट के गलियारे में भी चर्चा रही। वकीलों ने यहां तक कह दिया कि कार्यक्रम का बहिष्कार करेंगे।

हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने सचिव पवन पाठक ने सोमवार को एक सूचना जारी की। सूचना में लिखा गया है कि न्यायमूर्ति का स्वागत सम्मान समारोह 14 जुलाई को दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक रखा गया है, जिसमें भोज भी रखा गया है। सहयोग राशि के रूप में जूनियर अधिवक्ताओं को 200 रुपए का कूपन जारी किया जाएगा।

सभी अधिवक्ताओं से निवेदन है कि राशि जमा कर अपना कूपन प्राप्त कर सकते हैं। यह सूचना वकीलों में आग की तरह फेल गई। सोशल मीडिया पर भी इस पत्र को पोस्ट किया गया। हाईकोर्ट व जिला कोर्ट के गलियारे में भी इसकी चर्चा रही। वकीलों ने सूचना पत्र का विरोध शुरू कर दिया है। जूनियर वकीलों ने इसे अपना अपमान बताया है। सोशल मीडिया पर अपने-अपने विचार भी व्यक्त किए। बार व अधिवक्ता आमने सामने आ गए हैं और आदेश को वापस लेने का दवाब बना रहे हैं।

सोशल मीडिया पर किसने क्या लिखा

- अधिवक्ता रवीन्द्र दीक्षित ने लिखा है कि अभी तक के इतिहास में बार का सबसे दुर्भाग्यपूर्ण निर्णय है। ये अधिवक्ता समुदाय का अपमान है बार द्वारा।

- राजवीर किरार लिखते हैं कि पार्टी का बहिष्कार होना चाहिए।

- कुलदीप शर्मा लिखते हैं कि जूनियरों को जरूरत नहीं है आपके भोज की। खुद ही पैसे जमा कीजिए और खुद ही खा लीजिए।

-रामदास सोनी ने लिखा है कि सीनियर 500 रुपए दे और जूनियर निशुल्क हो ऐसा निर्णय लेना चाहिए। यह जूनियर अधिवक्ता का अपमान व शोषण है।

- अधिवक्ता रविकांत ने लिखा है कि बार के पैसे से अपनी वकालत चमकाने के उद्देश्य से यह किया जा रहा है। इस भोज का विरोध होना चाहिए।

- अधिवक्ता शिवेन्द्र सिंह कुशवाह ने पोस्ट किया है कि बार कैसी अजीब व गरीब हरकतें कर रही है।

गलियारों में यह रही चर्चा

- सूचना पढ़ने के बाद हाईकोर्ट व जिला कोर्ट के गलियारे में चर्चा छिड़ गई। वकीलों का कहना था कि यह अपमान है, इस कार्यक्रम में हम नहीं जाएंगे। 200 रुपए इकट्ठा करेंगे और खुद ही पार्टी कर लेंगे। बार के कार्यक्रम में क्यों जाएंगे।

- जूनियरों ने इस पत्र के बारे में उन वकीलों को भी बताया, जिन्होंने चुनाव लड़ा था।जूनियर वकीलों ने इसे अपना अपमान करार दिया।

पहली बार नहीं है

कार्यक्रम के लिए पहली बार पैसा इकट्ठा नहीं हो रहा है। पहले भी ऐसा ही होता था। जो पैसा देगा वह भी आमंत्रित है और जो नहीं देगा, उसका भी कार्यक्रम में स्वागत है। सोशल मीडिया पर विरोध करने वालों को नहीं रोका जा सकता है। - पवन पाठक, सचिव हाईकोर्ट बार एसोसिएशन

पहली बार ऐसा देखने मिल रहा है

- जो भी कार्यक्रम होते हैं, वह बार की ओर से होते थे। जो वकील स्वेच्छा से राशि देता था, उसी से ली जाती थी। जूनियरों से जो 200 रुपए मांगे जा रहे हैं, वह बार में पहली बार देखने को मिला है। यह गलत फैसला है। -प्रेम सिंह भदौरिया, पूर्व अध्यक्ष बार एसोसिएशन

Posted By: Nai Dunia News Network

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