ग्वालियर, नईदुनिया प्रतिनिधि। आरपीएफ की टीम ने शुक्रवार को स्टेशन बजरिया स्थित रजत टूर एंड ट्रेवल्स सेंटर पर छापा मारा। पकड़े गए टिकट दलाल ने पूछताछ में बताया कि आईडी वह लिखकर नहीं रखता, 56 आईडी मौखिक याद है। आरोपित ने फर्जी पर्सनल आईडी से 1388 ई टिकट बनाए हैं। जिसकी कीमत करीब बीस लाख है। आरपीएफ निरीक्षक आनंद स्वरूप पांडे को सूचना मिली थी कि आरोपित पर्सनल आईडी के जरिए ई टिकट निकाल रहा है। शुक्रवार को जब टीम पहुंची तो मौके पर आईआरसीटीसी की वेबसाइट से बुक ई टिकट बरामद हुए। जब टीम ने आईडी पूछी तो बताया कि उसने कहीं लिखकर नहीं रखी है। क्योंकि पिछले साल छापे में लिखी हुई आईडी मिल गई थी। इसलिए अब उसने आईडी याद कर ली है। उसने बताया कि 56 फर्जी पर्सनल आईडी के जरिए वह टिकट बुक करता है।

आरपीएफ ने आईडी पूछी तो उसने लिखकर टीम को पकड़ा दी। यह देख टीम भी चकित रह गई, क्योंकि इतनी आईडी याद रखना आसान नहीं होता। पकड़े गए आरोपित का नाम रजत सक्सेना पुत्र स्व मिथलेश कुमार सक्सेना उम्र 42 साल निवासी गांधीनगर है।

बीस लाख के टिकट बना चुकाः-

झांसी मंडल के द्वारा फर्जी पर्सनल आईडी से बन रहे ई टिकट को लेकर आरपीएफ को जानकारी दी थी। इसके आधार पर ही छापे की कार्रवाई हुई है। आरोपित पहले भी गिरफ्तार किया जा चुका है। 56 फर्जी आईडी से 99 ई टिकट बीती यात्रा के निकाले गए हैं। आरोपित ने बताया कि वह तीन साल में 1388 ई टिकट जिनकी कीमत करीब 20 लाख है, बना चुका है। ई टिकट निकालकर वह अधिक पैसे लेकर लोगों को बेचता था।

12 बजे खोलता था दुकानः-

टिकट दलाल ने बताया कि वह दोपहर 12 बजे दुकान खोलता था। जबकि स्लीपर की विंडो सुबह 11 बजे खुलती है। इतना ही नहीं वह कोई रिकार्ड नहीं रखता था, ई टिकट भी दुकान में नहीं बनाता था।

Posted By: Nai Dunia News Network