Gwalior News: वरुण शर्मा, ग्वालियर नईदुनिया। जिले के डबरा विकासखंड के ग्राम खेड़ी रायमल में कथित रूप से नदी के पानी के बीच होकर मुक्तिधाम पहुंचने संबंधित मामले की जांच के लिए एसडीएम के नेतृत्व में टीम खेड़ा रायमल गांव में पहुंची। कलेक्टर के निर्देश पर यह टीम जांच करने के लिए गई थी। एसडीएम डबरा प्रदीप कुमार शर्मा के नेतृत्व में राजस्व अधिकारियों की टीम ने वस्तुस्थिति का पता लगाया है।

मौका मुआयना करने के बाद एसडीएम डबरा प्रदीप कुमार ने बताया कि खेड़ी रायमल गांव के लोगों की मुख्य मांग नोन नदी पर पुल- रपटा का निर्माण कराने की है। जिससे नदी भरी होने पर भी वे उस पार स्थित अपनी जमीन पर पहुंच सकें। उन्होंने बताया खेड़ी रायमल ग्राम पंचायत द्वारा ग्रामवासियों की सहमति से वर्ष-2011 में नदी पार मुक्तिधाम का निर्माण कराया गया था। नदी में पानी होने पर गांव के समीप स्थित अस्थाई श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार किए जाते हैं। अतः स्पष्ट है कि नदी भरी होने पर शव की अंतिम क्रिया के लिए नदी पार करने की कोई मजबूरी नहीं है। एसडीएम ने बताया कि खेड़ी रायमल गांव में एक और मुक्तिधाम का निर्माण कराने के लिए लगभग 0.21 हेक्टेयर जमीन आरक्षित कर उसका कब्जा ग्राम पंचायत को दिला दिया गया है। साथ ही जनपद पंचायत डबरा द्वारा इस जमीन पर मुक्तिधाम बनवाने की कार्रवाई की जा रही है। कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने खेड़ी रायमल गांव के समीप नोन नदी पर रपटा निर्माण के लिए एस्टीमेट तैयार कर स्वीकृति के लिए भोपाल भेजने के निर्देश कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा को दिए हैं। उन्होंने इस काम को गंभीरता से और प्राथमिकता के साथ अंजाम देने की हिदायत दी है।

क्या है मामलाः रविवार काे एक वीडियाे इंटरनेट मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। यह वीडियाे खेड़ा रायमल गांव का बताया गया था। जिसमें कुछ लाेग अर्थी काे लेकर नदी पार कर रहे थे। इस वीडियाे के वायरल हाेने के बाद हडकंप मच गया था। इसके बाद कलेक्टर ने यहां जांंच के लिए टीम भेजी थी।

Posted By: vikash.pandey

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