ग्वालियर। मानसून के आते ही आसमान छूती सब्जियों के भाव में भी लोगों को राहत मिलेगी। लेकिन अभी शहर में बाहर से आने वाली सब्जियों का भाव बढ़ा हुआ है। इस कारण लोगों को मौसमी सब्जियों का स्वाद लेने में जेब ढीली करनी पड़ रही है। गर्मी के सीजन में पानी की व्यवस्था न होने के कारण स्थानीय स्तर पर किसान सब्जियों की पैदावार नहीं कर पाते । इसके चलते व्यापारी कोल्ड स्टोर व दूसरे शहरों से सब्जियां लाकर मांग की पूर्ति करते हैं। दूसरे शहरों से आने वाली सब्ज्यिों का भाव ट्रांसपोर्टेशन और मांग को देखते हुए लोकल में पैदा होने वाली सब्जियों के मुकाबले बढ़ जाता है। पर व्यापारियों का कहना है कि बारिश के साथ ही कई सब्जियां लोकल से आने लगती हैं। इससे आमजन को काफी राहत मिलती है।

इन स्थानों से मंगवाते व्यापारी सब्जियां

स्थानीय व्यापारी गर्मी के मौसम में आगरा से आलू,खीरा, मिर्ची मंगवाते हैं। तो मोहना से प्याज और धनिया, शिवपुरी से प्याज व मिर्ची, बरेली से करेला,राधौगढ़ से फूलगोभी, बैंग्लोर से टमाटर मंगवाया जा रहा है। जबकि लोकल से तोरई और लौंकी, धनिया आ रही है। ललितपुर और हल्दवानी से कैरी, पंजाब से खरबूजा, मद्रास से नींबू तथा यूपी से तरबूज लाया जाता है।

सब्जियों के थोक का भाव-

सब्जियां भाव (किलो में)

आलू 8 से 12 रुपए

टमाटर 20 रुपए

प्याज 7 से 8 रुपए

मिर्ची 20 से 25 रुपए

करेला 15 से 18 रुपए

तोरई 10 से 15 रुपए

खीरा 6 से 8 रुपए

लौकी 8 से10 रुपए

नींबू 45 से 55 रुपए

भिंडी 5से 10 रुपए

कैरी 15 से 20 रुपए

अरबी 15 से 18 रुपए

पत्ता गोभी 6से 8 रुपए

फूलगोभी सफेद 20से 24रुपए

रमास की फली 20 से 30 रुपए

ग्वार की फली 25से 30 रुपए

बाहर से मंगवानी पड़ती सब्जी

गर्मी के मौसम में स्थानीय स्तर पर सब्जियों की पैदावार नहीं होती, जिसके चलते बाहर से मंगवानी पड़ती हैं। मांग बढ़ते ही बाहर के किसान भी सब्जियों के दाम बढ़ा देते हैं। इसके साथ ही ट्रांसपोर्टेशन पर भी खर्च होता है। इसके कारण दाम बढ़ जाते हैं। पर बरसात होने पर कुछ सब्जियों के दाम में गिरावट आएगी।

देवेन्द्र सिंह कुशवाह, थोक व्यापारी सब्जीमंडी लक्ष्मीगंज

Posted By: Nai Dunia News Network