• लोकायुक्त ने आरोपित ड्रग इंस्पेक्टर को भेजा नोटिस, आवाज मैच कराने के लिए बुलाया

ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। दवा की मार्केटिंग का लाइसेंस बनाने के बदले में 25 हजार की डील करने के आरोपित ड्रग इंस्पेक्टर अजय ठाकुर की आवाज मैच की जाएगी। आवाज के सैंपल लिए जाएंगे जिसके लिए लोकायुक्त की ओर से अजय ठाकुर को नोटिस जारी कर दिया गया है। वहीं ड्रग इंस्पेक्टर के स्थापना रिकार्ड को लोकायुक्त ने सीएमएचओ आफिस से पत्र भेज मांगा है जो उपलब्ध करा दिया गया है। 25 हजार रुपये के साथ पकड़े गए ड्रग इंस्पेक्टर के लिपिक अयूब खान को सस्पेंड कर दिया गया था, लेकिन अजय ठाकुर को शासन ने सस्पेंड नहीं किया, सिर्फ पन्न्ा जिले में तबादला किया। इस मामले में लोकायुक्त की टीम जांच कर रही है और आरोपितों के खिलाफ साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

ज्ञात रहे कि 29 अक्टूबर की दोपहर लोकायुक्त टीम ने कलेक्ट्रेट में दवा की मार्केटिंग के लिए लाइसेंस बनाने के नाम पर 25 हजार की घूस लेने के मामले में ग्वालियर जिले के ड्रग इंस्पेक्टर अजय ठाकुर और लिपिक अयूब खान को ट्रैप किया था। मौके पर ड्रग इंस्पेक्टर नहीं मिला था, लेकिन लिपिक अयूब खान को 25 हजार रुपये की घूस के साथ रंगेहाथ पकड़ा गया था। घूस की डील ड्रग इंस्पेक्टर ने ही की थी। लाइसेंस के आवेदक से पूरी डील की बातचीत रिकॉर्ड होने के बाद ड्रग इंस्पेक्टर के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया और इसके बाद कलेक्ट्रेट में लोकायुक्त टीम ने यह कार्रवाई की थी।

ऐसे हुई थी ड्रग इंस्पेक्टर की डील

13 अक्टूबर 2020 को खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग में दवा की मार्केटिंग का काम शुरू करने के लिए 3150 की फीस आवेदक महेंद्र पाल ने भरी। इसके बाद ड्रग इंस्पेक्टर अजय ठाकुर से मोबाइल पर संपर्क किया कि कब काम होगा तो जवाब मिला कि दुकान देखना होगी और 30 हजार रुपये लगेंगे। आवेदक ने कहा कि किस बात के 30 हजार रुपये लगेंगे तो अजय ठाकुर ने कहा कि यह लगता है। इसके बाद परेशान होकर आवेदक ने कई चक्कर लगाए और 19 अक्टूबर को लोकायुक्त पुलिस को पूरी जानकारी दी। यहां से रिकॉर्डिंग इंस्ट्रूमेंट मिला और 24 अक्टूबर को अजय ठाकुर का शाम 5 बजकर 51 मिनट पर कॉल आया जिसमें रिश्वत की मांग की गई। 27 अक्टूबर को महेंद्र को ड्रग इंस्पेक्टर के पास जाना था, लेकिन फिर ड्रग इंस्पेक्टर का फोन आया कि मैं खुद तुम्हारे पास आ रहा हूं। यहां ड्रग इंस्पेक्टर ने कैलकुलेटर में 25 लिखकर यह इशारा किया कि 30 हजार की बजाए 25 हजार से काम चल जाएगा। इसके बाद 29 अक्टूबर को 25 हजार रुपये लेकर महेंद्र कलेक्ट्रेट में अजय ठाकुर को देने पहुंचा, लेकिन यहां लिपिक अयूब खान मिले। अजय ठाकुर ने मोबाइल पर कहा कि लिपिक को पैसे दे दो तो लिपिक ने रकम रख ली।

रिकॉर्ड दे दिया है

लोकायुक्त से ड्रग इंस्पेक्टर का स्थापना संबंधी रिकार्ड मांगा गया था वह उपलब्ध करा दिया गया है। ड्रग इंस्पेक्टर अब पन्ना जिले में पदस्थ हैं, निलंबित नहीं है।

डा. मनीष शर्मा, सीएमएचओ

Posted By: anil.tomar

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