ग्वालियर, नईदुनिया रिपोर्टर। शहर में ऑनलाइन शॉपिंग करने वालों की संख्या में तेजी सी बढ़ोतरी हो रही है। लोग फेस्टिवल सीजन में या फिर मांगलिक अवसरों पर सामान खरीदते हैं लेकिन ऑनलाइन ग्राहकी का चलन अधिक है। शहरवासी हर बार की तरह इस फेस्टिवल सीजन में भी अपने साथ-साथ घर की जरूरतों को पूरा करने के लिए बुकिंग कर रहे हैं। लेकिन यदि आप ऑनलाइन परचेसिंग या इकाॅमर्स वेबसाइट के उपयोग को लेकर सजग न हों तो आप ठगी के शिकार हो सकते हैं।

इस बीच फ्रॉड भी सक्रिय हो गए हैं, जो लोगों को ठगने के लिए नामी ऑनलाइन कंपनी जैसी लिंक बनाकर किसी न किसी पेज से कनेक्ट कर रहे हैं। खरीदारों को लुभाने के लिए ओरिजनल शॉपिंग वेब से अधिक ऑफर दे रहे हैं। इनके शिकार वे परिवार भी हो रहे हैं, जिन्होंने कई दिन से इस सीजन में शॉपिंग करने के लिए पैसे की बचत की थी। इसलिए अब उच्च वर्ग से लेकर निम्मवर्ग के खरीदार को पूरी पारदर्शिता से शॉपिंग करने पर फोकस करना चाहिए।

आईटी विशेषज्ञों का कहना है सामान्य दिनों की तुलना में फेस्टिव सीजन में फ्रॉड सक्रिय हो जाते हैं। मोबाइल या फिर कंप्यूटर स्क्रीन पर शो होने वाले ऑफर को फॉलो करने से पहले एक बार मार्केट में भी पहुंचना चाहिए। फिर चाहे शॉपिंग किसी भी प्लेटफॉर्म से ही क्यों न की गई हो। मार्केट में भी अब कुछ विक्रेता ऑनलाइन दामों में प्रॉडक्ट उपलब्ध करा रहे हैं। इसके अलावा मार्केट पहुंचकर प्रॉडक्ट को परख भी सकते हैं।

साइबर एसपी सुधीर अग्रवाल का कहना है ऑनलाइन फ्रॉड करने वाले अपराधियों को पकड़ना थोड़ा सा मुश्किल है। ये कहां बैठकर लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं इसके बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता है। इससे बेहतर है हमें ही सतर्क हो जाना चाहिए। इस फेस्टिव सीजन में ओएलएक्स और एडवांस पेमेंट से संबंधित केस हमारे सामने आ रहे हैं।

पहले जुटाएं जानकारी

-शॉपिंग करने से पहले ई कॉमर्स साइट के बारे में पूरी तरह जानकारी हासिल करें। साइट के रिव्यू,रेटिंग आदि चीजें जरूर देखें। इसमें खरीदारों की प्रतिक्रियाएं रहती हैं।

-अगर आपको कोई प्रोडक्ट खरीदना है तो उस प्रोडक्ट की रेट, रेटिंग,क्वालिटी के लिए विभिन्न ब्रांडेड साइट को भी देंखें।

-किसी साइट पर किसी महंगे प्रॉडक्ट की रेट बहुत ही कम हो तो उसे खरीदने से बचें या फिर ऑफर लुभाने वाला हो रुकें और पूरी पड़ताल करें। क्योंकि ठग तो आपसे पेमेंट ले लेंगे, लेकिन प्रॉडक्ट क्वालिटी काफी गिरी होगी या आपकी डिलीवरी आएगी ही नहीं।

फेक साइट की ऐसे करें पहचान-

साइबर सेल एसपी सुधीर अग्रवाल का कहना है कि साइट वेरिफाइड है या नहीं इसकी पहचान आप मिनटों में कर सकते हैं। साइट ओपन करते ही लिंक में आने वाले शब्दों को जांच लें। जिन साइट के शुरूआती में ही एचटीटीपीएस होता है, वे साइट वेरिफाइड और सही होती हैं। वहीं एचटीटीपी में बिना एस वाली साइट अनवेरिफाइड होती हैं। ऐसी साइट्स से ठगी के चांस अधिक रहते हैं।

शॉपिंग के टाइम रखें इन बातों का ध्यान

- साइट पर ऑर्डर करने से पहले उसका पता और मोबाइल नंबर जांचें।

- अगर लेडलाइन नंबर है तो उस पर कॉल कर चेक कर लें।

- कैश ऑन डिलेवरी का ऑप्शन ही चुनें।

- किसी गेट वे के जरिये ही पेमेंट करें।

भारी छूट देख न ललचाएं

ऑनलाइन वेबसाइट पर सौंदर्य प्रसाधन और परफ्यूम जैसे उत्पादों पर भारी छूट मिलती रहती हैं। इसके लालच में न फंसें। क्योंकि ज्यादातर ऐसे उत्पादों पर रिटर्न पॉलिसी नहीं होती हैं। कई लोगों को परफ्यूम और खुशबू से जुड़े उत्पाद नकली मिले।

अगर नकली या खराब आया है तो शांत न बैठें। इसकी उपभोक्ता फोरम कर ई कॉमर्स वेबसाइट पर शिकायत करें। उपभोक्ता फोरम के एडवोकेट हेमंत शर्मा का कहना है उनके पास हर साल 10 से 12 केस ऑनलाइन ठगी के आते हैं।

इनमें कुछ को टूटा हुआ सामान मिला तो किसी को बॉक्स खाली मिला। कुछ दिन पहले इस तरह की शिकायत के लिए कोई कानून नहीं था, लेकिन तेजी से बढ़ते ऑनलाइन शॉपिंग के बाद सरकार ने उपभोक्ता फोरम को ठगी के शिकार लोगों की समस्या सुनने का अधिकार दे दिया है।