Gwalior NHAI News: ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। रायरू, निरावली से साडा की काउंटर मैग्नेट सिटी होते हुए शिवपुरी हाइवे तक 730 करोड़ रुपए की लागत से प्रस्तावित 29 किमी लंबे वेस्टर्न बायपास परियोजना के लिए अब एनएचएआई ही 66 करोड़ रुपए की लागत से करीब 65 हेक्टेयर निजी भूमि का अधिग्रहण करेगा। पहले ये काम साडा को करना था, लेकिन खराब वित्तीय स्थिति के कारण साडा के निवेदन पर एनएचएआई इसके लिए राजी हो गया है। इसका प्रस्ताव बनाकर भी दिल्ली स्थित मुख्यालय को भेज दिया गया है। इसके अलावा डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट में इस बायपास की चौड़ाई को भी 15 मीटर बढ़ा दिया गया है। पहले इसे 30 मीटर चौड़ा बनाया जाना था, लेकिन अब इसे 45 मीटर चौड़ा बनाया जाएगा। जहां-जहां साडा की जमीन होगी, वहां सर्विस रोड सहित इसे 60 मीटर तक चौड़ा बनाया जाएगा।

केंद्र सरकार के भारतमाला प्रोजेक्ट के अंतर्गत इस बायपास का निर्माण प्रस्तावित है। बायपास बनने से आगरा से शिवपुरी के बीच लोगों के सफर में 30 किमी का चक्कर व 45 मिनट का समय बचेगा। वेस्टर्न बायपास पर कई स्थान ऐसे तय होंगे जहां सड़क के दोनों तरफ कामर्शियल जोन बनाए जाएंगे। इन जोन में इंडस्ट्रियल एरिया, लाजिस्टिक पार्क, शैक्षणिक संस्थान, होटल, मनोरंजन पार्क तैयार करने पर भी विचार किया जा रहा है। ये हाइवे फोरलेन होगा। गत सितंबर माह में एलिवेटेड रोड के शिलान्यास कार्यक्रम में आए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को एनएचएआई के अधिकारियों ने रिपोर्ट देकर बताया है कि फिलहाल वेस्टर्न बायपास की डीपीआर फाइनल करने का काम अंतिम चरण में है। मार्च 2023 तक इस प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य शुरू कराया जा सकता है। इस पर नितिन गडकरी ने प्रोजेक्ट पर तेजी से काम करने के निर्देश दिए थे। वर्तमान में डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट में 65 हेक्टेयर निजी भूमि का अधिग्रहण करना भी शामिल किया गया है। इसके बदले में साडा अपनी अतिरिक्त भूमि देने के लिए भी राजी हो गया है, जहां बायपास की चौड़ाई को बढ़ाया जाएगा।

-ऐसे होगा लोगों को फायदा-

शिवपुरी हाइवे से काउंटर मैग्नेट सिटी के अंदर आकर ये बायपास कुलैथ होते हुए निरावली पर निकलेगा। इस बायपास के बनने से वाहन चालकों का अतिरिक्त चक्कर, समय और ईंधन का खर्चा बचेगा। आगरा से शिवपुरी के बीच जाने वाले वाहन चालकों को अभी शिवपुरी हाइवे से सातऊ होते हुए मालवा कालेज और ग्वालियर बायपास पर निकलना पड़ता है। वहां से उन्हें मेहरा टोल, लक्ष्मणगढ़ पुल होते हुए निरावली जाना पड़ता है। कुछ वाहन चालक एबी रोड पर गोल पहाड़िया से मोतीझील होते हुए रायरू तक पहुंचते हैं। इस दौरान उन्हें जाम का सामना करना पड़ता है।

-ये है जमीन का प्लान-

वेस्टर्न बायपास के लिए लगभग 150 हेक्टेयर जमीन को लेकर प्लान तैयार किया गया है। इसमें 54 हेक्टेयर जमीन साडा की है। 40 हेक्टेयर जमीन वन विभाग तथा 65 हेक्टेयर जमीन निजी है। इस प्रोजेक्ट में जो निजी जमीन आ रही है, उसका अधिग्रहण पहले राज्य सरकार यानी साडा को करना था, लेकिन अब एनएचएआई ने जमीन अधिग्रहण पर सहमति दे दी है। इससे इस प्रोजेक्ट का काम तेज होने की संभावना बढ़ गई है।

-वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से मिलनी है एनओसी-

इस प्रोजेक्ट में सोनचिरैया अभ्यारण्य की जमीन भी शामिल है। अभ्यारण्य की जमीन को डि-नोटिफाई करने की प्रक्रिया चल रही है। यहां बायपास निर्माण के लिए केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से एनओसी प्राप्त की जानी है। इसके लिए भी साडा ने प्रक्रिया तेज कर दी है। संभावना जताई जा रही है कि मंत्रालय की अगली बैठक में एनओसी मिल जाएगी। ऐसे में इस प्रोजेक्ट का पूरा रास्ता साफ हो जाएगा।

एनएचएआई ही करेगी भूमि अधिग्रहण

वेस्टर्न बायपास के लिए अब निजी भूमि का अधिग्रहण एनएचएआई ही करेगी। हमने इस संबंध में अधिकारियों से बातचीत की थी और इस मामले पर सहमति बन गई है। इसके अलावा बायपास की चौड़ाई भी बढ़ाई गई है।

किशोर कान्याल, सीईओ साडा

मुख्यालय भेज दिया है प्रस्ताव

वेस्टर्न बायपास में करीब 65 हेक्टेयर निजी भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। एनएचएआई द्वारा ही अधिग्रहण की प्रक्रिया करने के लिए प्रस्ताव तैयार कर मुख्यालय भेज दिया है। वहां से अनुमति आते ही प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

राजेश गुप्ता, प्रोजेक्ट डायरेक्टर एनएचएआई

Posted By: anil tomar

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