- कोविड के बाद 35 प्रतिशत जेएएच की नर्सें बीपी और शुगर से पीडि़त

Gwalior Nurse News: ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। जयारोग्य अस्पताल में मरीजों की देखभाल करने वाली नर्सें खुद बीमार हो रही हैं। उन्हें बीपी, शुगर से लेकर टीबी और एचआइवी जैसी बीमारियां हो रही हैं, लेकिन अस्पताल और नर्सिंग कालेज प्रबंधन का इस ओर ध्यान नही है। हालांकि नर्सों के स्वास्थ्य और सुविधाओं के लिए गजराराजा मेडिकल कालेज के पास करीब दो करोड़ रुपये का फंड जमा है। इसके बाद भी उनके लिए योगासन, खेलकूद जैसी गतिविधियों का संचालन नहीं किया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक लंबी ड्यूटी और कोविड के बाद 35 फीसद नर्सों को बीपी और शुगर की बीमारी हो चुकी है। जबकि दस फीसद को टीबी और 0.5 फीसद एचआइवी से पीड़ित हैं।

मरीजों के संपर्क में रहने से हो रहीं बीमार: जयारोग्य अस्पताल में टीबी और एचआइवी संक्रमण से संक्रमित मरीजों का उपचार दिया जाता है। इन मरीजों की देखभाल करने के दौरान नर्सें संक्रमण की चपेट में आ रही हैं। टीबी मरीज के थूक के संपर्क में आने से भी नर्सों को टीबी की बीमारी हो रही है। जेएएच की 10 फीसद नर्स मौजूदा समय में टीबी का उपचार करा रही हैं। इनके अलावा 0.5 प्रतिशत नर्स एचआइवी का उपचार करा रही हैं।

तनाव से बढ़ रहा बीपी और शुगर: जयारोग्य अस्पताल में करीब 800 नर्स हैं। इनमें 200 से अधिक अधिक नर्स पढ़ाई या फिर अन्य कार्यों की वजह से लंबे समय से अवकाश पर हैं। वहीं लगभग 100 नर्स अस्थाई रूप से अवकाश पर हर दिन रहती हैं। इस स्थिति की वजह से कुछ नर्स को लगातार काम करना पड़ रहा है। उन पर अतिरिक्त भार आ रहा है। काम में कमी रहने पर मरीज के अटेंडेंट द्वारा की जाने वाली शिकायतों से नर्स तनाव की गिरफ्त में पहुंच रही है। उन पर मरीजों के अलावा घर की भी जिम्मेदारी है। जानकारी के मुताबिक कोविड के बाद से नर्सेस अधिक बीमार हो रही हैं।

बीमारी से कितने प्रतिशत बीमार

बीमारी प्रतिशत

बीपी 20

शुगर 15

टीबी 10

एचआइवी 0.5

हेडिक 20

हाइपर टेंशन 15

अन्य बीमारियां 20

दो करोड़ रुपये का फंड, लेकिन तनाव से मुक्ति का नहीं साधन

गजराराजा मेडिकल कालेज के अधीन संचालित नर्सिग कालेज में अध्ययनरत नर्सों की फीस में योग और खेलकूद के साथ अन्य गतिविधियों का खर्च भी शामिल होता है। यह फीस गजराराजा मेडिकल कालेज के पास करीब दो करोड़ रुपये के लगभग जमा हो चुकी है।

हजार बिस्तर अस्पताल में नर्सेस के लिए योगासन की व्यवस्था की जाएगी। उन्हें तनाव मुक्त रखने के लिए खेलकूद और सांस्कृतिक कार्यक्रम कराए जाएंगे। लगातार काम कर रही नर्सों को आराम दिया जाएगा। करीब दो करोड़ रुपये का फंड जमा है, लेकिन कभी नर्सिंग कालेज फंड मांगा नहीं है। कालेज प्रबंधन प्रपोजल दे, हम पैसा उपलब्ध कराएंगे।

डा अक्षय निगम, डीन जीआर मेडिकल कालेज

Posted By: anil tomar

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