Gwalior Oxygen Crisis News: ग्वालियर, नईदुनिया प्रतिनिधि। सबक से ही व्यक्ति सचेत होता है। दूसरी लहर के प्रकोप से शासन प्रशासन ने सबक लिया है। इसलिए तीसरी लहर के खतरे काे देखते हुए अभी से आइसोलेशन बेड से लेकर आक्सीजन बेड की संख्या में चार गुना इजाफा किया जा रहा है। यही नहीं वेटिंलेटर की संख्या भी दो गुना की जा रही है। इसके साथ ही बच्चों के लिए आइसीयू-पीआइसीयू तैयार किए जा रहे हैं। जिला अस्पताल से लेकर जेएएच, निजी अस्पतालों में भी आईसीयू बेड,आक्सीजन व वेंटिलेटर बढ़ाए जा रहे हैं।

दूसरी लहर में यह थी स्थिति-

जयारोग्य अस्पतालः जेएएच परिसर के सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के 150 बेड का एचडीयू और 45 बेड का आइसीयू तैयार किया गया था। इसके अलावा साढ़े 400 बेड का एचडीयू जेएएच के अन्य भवन में बनाया गया, जहां पर मरीज को इलाज दिया गया।

वेंटिलेटर: जेएएच में 200 वेंटिलेटर की उपलब्धता दूसरी लहर के जाते-जाते हो चुकी थी। आइसीयू व एचडीयू में वेंटिलेटर उपलब्ध थे, पर नॉन कोविड मरीज को वेंटिलेटर उपलब्ध नहीं हो सके थे। बीस वेंटिलेटर निजी अस्पतालों को उपलब्ध कराए गए।

जिला अस्पतालः जिला अस्पताल में 100 आक्सीजन बेड तैयार हुए, पर आइसीयू नहीं था। अस्पताल पर चार वेंटिलेटर थे, पर वह बंद ही रखे रहे। अस्पताल में गंभीर मरीज को इलाज नहीं मिल सका।

सबक से तैयारीः तीसरी लहर की तैयारी व जरुरत को देखते हुए सुपर स्पेशियलिटी में 195 बेड का आइसीयू बनाया जाएगा। इसके साथ ही बच्चों के लिए 90 बेड का आइसीयू अलग से तैयार किया जा रहा है। जेएएच में 400 आक्सीजन बेड पहले से ही उपलब्ध हैं। इसके अलावा एक हजार बिस्तर के अस्पताल में 500 आक्सीजन बेड तैयार किए जा रहे हैं।

जिला स्वास्थ्य विभाग की तैयारीः जिला अस्पताल में 20 बेड का आइसीयू, 200 आक्सीजन बेड,मुरार प्रसूतिगृह में 10 बेड का पीआइसीयू तैयार हो चुका है। सिविल अस्पताल हजीरा में 10-10 बेड का बच्चों का आइसीयू-पीआइसीयू बन गया। इसी तरह से डबरा में भी आइसीयू बनाने की तैयारी है। मोहना,हस्तिनापुर,भितरवार में आक्सीजन बेड तैयार किए जा रहे हैं।

वेंटिलेटर की उपलब्धताः जयारोग्य अस्पताल के 90 बेड के आइसीयू व पीआइसीयू में 30 बेड पर वेंटिलेटर उपलब्ध होंगे। इसके अलावा जिला अस्पताल के आइसीयू में सभी बेड पर वेंटिलेटर व पीआइसीयू में 5 बेड पर वेंटिलेटर रहेंगे। जबकि सिविल अस्पताल हजीरा के आइसीयू व पीआइसीयू के लिए 15 वेंटिलेटर पहले ही पहुंचाए जा चुके हैं। डबरा में भी पांच वेंटिलेटर की उपलब्धता कराई जाएगी।

वर्जन-

अस्पतालाें में बेड की संख्या कम पड़ी तो आइसोलेशन सेंटर बनाने पड़े थे। इसलिए इस बार आक्सीजन बेड की संख्या ही दस हजार की जा रही है अभी लगभग पांच हजार की तैयारी हो चुकी है। आइसीयू, पीआइसीयू तैयार किए जा रहे हैं और उनमें वेंटिलेटर लगाए जा रहे हैं।

डा मनीष शर्मा, सीएमएचओ

Posted By: vikash.pandey

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