Gwalior Panchayat Election voting 2022: ग्वालियर, नईदुनिया प्रतिनिधि। पंचायत चुनाव में मतदान का जुनून ऐसा था कि ढाई-ढाई घंटे तेज धूप में इंतजार भी कम लग रहा था। पसीने में भीगे हाथ में बच्चों को लेकर महिलाएं अस्सी से सौ पार संख्या की कतार में लगी हुईं थीं। बुजुर्ग और दिव्यांग तक वोट देने में पीछे नहीं थे। अधिकतर कतारों में महिलाओं की संख्या ज्यादा थी और घूंघट में वोट का सिलसिला चलता रहा।

पंचायत चुनाव में मतदान केंद्रों पर जिन व्यवस्थाओं का दावा किया गया था, वह मैदानी स्तर पर नहीं दिखीं। इतनी भीषण गर्मी में वोटरों के लिए न तो पर्याप्त छांव की व्यवस्था थी और बिजली सप्लाई के भी अते पते नहीं थे। पीने के पानी को लेकर कुछ केंद्रों पर टैंकर दिखे, लेकिन कतारों में खड़े मतदाताओं के लिए पेयजल की दुरूस्त व्यवस्था नहीं दिखी। एक वोटर को चार वोट जिला पंचायत सदस्य, जनपद सदस्य,सरपंच और पंच के लिए वोट डालने थे, जिसमें लगभग पांच मिनट का समय लग रहा था। मतदान दल को ग्रामीण वोटरों को समझाना भी पड़ रहा था कि मतदान का तरीका क्या है।

नईदुनिया लाइव: कहां कैसी थी स्थिति

पनिहार: यहां मतदान केंद्रों पर कतार सरकारी भवन से बाहर तक आ रहीं थीं, जनरेटर चल रहा था क्योंकि बिजली की सप्लाई नहीं थी।

घाटीगांव: घाटीगांव में एक सरकारी परिसर में आठ पोलिंग बूथ थे और इतनी लंबी कतारें थीं कि लोग जमीन पर बैठकर लाइन लगाए हुए थे। यहां जिला पंचायत सदस्य के प्रत्याशी आपत्ति भी कर रहे थे कि केंद्र में अनावश्यक लोगों को प्रवेश दिया जा रहा है।

मोहना: मोहना के अंदर बड़ागांव में भी भीड़ थी। यहां पानी के लिए वाटर कैन रखीं हुईं थीं और कतारें लगीं थीं।

मउछ: यहां आइपीएस शियाज व फोर्स व्यवस्थाएं देखते हुए मिला और वोटरों की लाइन दोपहर तीन बजे तक भी लगी थी।

पांच बजे तक मतदान,फिर मतगणना,रात तक लौटे मतदान दलः शाम पांच बजे तक मतदान चला, जबकि समय तीन बजे तक निर्धारित था। नियम के अनुसार मतदान केंद्र परिसर में मतदान समय तक आ जाने वाले मतदाताओं को मतदान का मौका मिलता है चाहे कितना समय हो जाए। तीन बजे मतदान केंद्रों पर टोकन बांट दिए गए थे और इसी कारण मतदान का सिलसिला शाम पांच बजे तक चला। इसके मतगणना शुरू हुई और रात आठ बजे तक 50 फीसद मतगणना हो चुकी थी। साढ़े दस बजे तक लगभग मतगणना पूरी हुई और इसके बाद मतदान दलों की रवानगी शुरू हुई। ऐसी भी स्थिति बनी कि जिस वाहन में पांच मतदान दल पहुंचे उनमें एक दो दल की मतगणना में समय लगा तो शेष को इंतजार करना पड़ा।

Posted By: vikash.pandey

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