ग्वालियर. नईदुनिया प्रतिनिधि। शहर के थानों में तैनात 80 प्रतिशत फोर्स पंचायत चुनाव में लगा दिया गया है। थानों में गिनती के पुलिसकर्मी रह गए हैं। इन्हीं पर थाने में लिखा पढ़ी से लेकर गश्त और शहर की सुरक्षा की जिम्मेदारी है। कई थाने तो ऐसे हैं, जहां बल संख्या 10 ही रह गई है। ऐसे में शहर की सुरक्षा बड़ी चुनौती है। लेकिन पुलिस अफसरों का दावा है कि शहर में सुरक्षा के पूरे इंतजाम हैं, लगातार एफआरवी और मोबाइल वैन गश्त करेंगी। रिजर्व फोर्स भी रखा गया है, जो जरूरत पड़ने पर तत्काल रवाना होंगे। शहर में बल कम होने से आम लोगों की विशेष सतर्कता बरतनी होगी। शुक्रवार सुबह से फोर्स की रवानगी शुरू हो जाएगी, शनिवार को मतदान संपन्न होने के बाद रविवार को ही फोर्स शहर में लौटेगा। यानि दो दिन शहर के थानों में बल बेहद कम रहेगा। जो बल मौजूद है, उसी में से एफआरवी ड्यूटी लगाई जानी है, इसी बल को कागजी कार्रवाई करनी हैं।

शुक्रवार से पुलिसकर्मी चुनाव ड्यूटी में लग जाएंगे। शुक्रवार सुबह 7 बजे से इनकी रवानगी मतदान स्थल के लिए हो जाएगी। इसके बाद शहर के थानों में बल बहुत ही कम रह जाएगा। जिन पुलिसकर्मियों को सुबह ड्यूटी में जाना है, उन्हें गुरुवार रात से ही रवानगी दे दी गई।

ये उदाहरण:

मुरार: मुरार थाने में 80 का बल स्वीकृत है। यहां थाना प्रभारी के अलावा तीन एसआई, दो एएसआई, 7 सिपाही और 2 हवलदार ही बचे हैं। यानि थाना प्रभारी सहित 15 पुलिसकर्मी ही थाने में बचे हैं। इस थाने का लगभग 80 प्रतिशत स्टाफ चुनाव ड्यूटी में लगा दिया गया।

इंदरगंज: इंदरगंज थाना प्रमुख थाना है, जहां प्रमुख बाजार हैं। यहां सुरक्षा के लिए थाना प्रभारी के अलावा 2 एसआई, 3 मुंशी, 2 महिला आरक्षक और 7 सिपाही बचे हैं।

पड़ाव: पड़ाव थाने में 80 का बल स्वीकृत है। यहां थाना प्रभारी, एसआई, एएसआई और महिला पुलिसकर्मी मिलाकर 28 का फोर्स बचा है।

कोतवाली- कोतवाली थाने में भी 80 का बल स्वीकृत है। थाना प्रभारी के अलावा दो एसआई, 7 एएसआई, दो हवलदार, 7 सिपाही रह गए हैं। बाकी फोर्स चुनाव ड्यूटी में भेज दिया गया।

बंगलों पर 10 से लेकर 20 तक पुलिसकर्मी दे रहे ड्यूटी: पुलिस, प्रशासनिक व अन्य अफसरों के बंगलों पर काफी फोर्स ड्यूटी में लगा है। एक अफसर के बंगले पर 10 से लेकर 20 तक पुलिसकर्मी ड्यूटी दे रहे हैं। अफसरों के अलावा अन्य वीआईपी के बंगलों पर एसएएफ जवान सबसे ज्यादा लगे हैं। बंगलों पर एसएएफ जवान, होमगार्ड सैनिक सबसे ज्यादा ड्यूटी दे रहे हैं। अगर अफसरों के बंगलों पर तैनात फोर्स को ऐसी स्थिति में शहर में लगा दिया जाए तो थानों में तैनात स्टाफ को मदद मिल सकेगी और मुस्तैदी के साथ शहर की सुरक्षा हो सकेगी। हालांकि पुलिस अफसरों का कहना है- बंगलों पर तैनात पुलिसकर्मी, होमगार्ड सैनिक और एसएएफ जवान ड्यूटी में लगा दिए गए हैं। इसके अलावा आफिस में तैनात पुलिसकर्मियों को भी चुनाव ड्यूटी में लगा दिया गया है।

एफआइआर भी रुक गईं, आराेपियों की गिरफ्तारियां भी रुकी, अफसर बोल रहे दो दिन बाद आना: थानों में जो अफसर और पुलिसकर्मी बचे हैं, वह धोखाधड़ी व अन्य ऐसी एफआइआर जिनमें जांच के बाद कायमी होनी हैं, उनके फरियादियों को लौटाया जा रहा है। अफसर बोल रहे हैं, दो दिन बाद कायमी की जाएगी। बहुत ही जरूरी या गंभीर अपराध में एफआइआर की जा रही है। साथ ही जिन आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें बाहर भेजी जानी थी, वह भी फिलहाल दो दिन के लिए रोक दी गई है।

यह रहेगी सुरक्षा व्यवस्था: थानों में बल संख्या की कमी को देखते हुए 40 पुलिसकर्मियों का रिजर्व फोर्स रखा गया है। पुलिस कंट्रोल रूम में यह फोर्स दो दिन 24 घंटे मौजूद रहेगा। जरूरत पड़ने पर तत्काल पुलिसकर्मियों को रवाना किया जाएगा। इसके अलावा 45 एफआरवी ड्यूटी करेंगी।

वर्जन:

शहर का फोर्स चुनाव ड्यूटी में लगाया गया है। लेकिन शहर में सुरक्षा के पूरे इंतजाम हैं। थानों में 10 से लेकर 20 तक पुलिसकर्मी रखे गए हैं। इसके अलावा 40 पुलिसकर्मी पुलिस कंट्रोल रूम में मौजूद रहेंगे, जो जरूरत पड़ने पर तत्काल रवाना होंगे। बंगलों पर तैनात पुलिसकर्मियों के अलावा आफिस में काम करने वाले पुलिसकर्मियों को भी चुनाव ड्यूटी में लगाया गया है।

अमित सांघी, एसएसपी

Posted By: anil tomar

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close