Gwalior Political News: ग्वालियर, नईदुनिया प्रतिनिधि। राजमाता विजयाराजे सिंधिया की 102वीं जयंती का आयोजन 12 दिन के अंतराल में दूसरी बार किया गया। अंग्रेजी कैलेंडर के मुताबिक 12 अक्‍टूबर काेे यह आयोजन केंद्रीय मंत्री ज्याेतिरादित्य सिंधिया ने भाजपा ने आने के बाद पहली बार किया था, जिसमें पूरे अंचल भर से भाजपा नेता, कार्यकर्ता और सिंधिया समर्थक जुटे थे। हिंदी तिथि के अनुसार राजमाता का जन्‍मदिन करवा चौथ काेे होता है, यह आयोजन सालों से उनकी बेटी यशोधरा राजे करती आ रही हैं। रविवार को सिंधिया राजघराने की छत्री परिसर में सुबह हुए पुष्‍पांजलि समारोह में राजस्‍थान की पूर्व सीएम वसुंधरा भी शामिल हुईं। इस दाैरान गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा, उद्यानिकी एव खाद्य प्रसंस्कर मंत्री भारत सिंह कुशवाह, सांसद विवेक नारायण शेजवलकर, पूर्व मंत्री माया सिंह, कांग्रेस विधायक सतीश सिकरवार ने भी भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ राजमाता का स्मरण करते हुए पुष्पांजलि अर्पित की।

इस दाैरान प्रात:कालीन भजन सभा का भी आयोजन हुआ। अम्मा महाराज की छत्री पर बड़ा राजनीतिक परिवर्तन नजर आया। अम्मा महाराज की छत्री पर पूर्व मंत्री जयभान सिंह पवैया की उपस्थिति स्तब्ध करने वाली थी। राजमाता की समाधि पर अपनी उपस्थिति पर पवैया का कहना था कि यशोधरा राजे के भावपूर्ण आग्रह पर राजमाता को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए आया हूं। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के जुड़े ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर की अनुपस्थिति व कांग्रेस विधायक सतीश सिकरवार की उपस्थिति पर सियासी चर्चाएं शुरू हो गईं हैं।

वसुंधरा व यशोधरा राजे ने पहले श्रद्धासुमन अर्पित किएः लंबे अंतराल के बाद राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया सुबह छोटी बहन यशोधरा राजे सिंधिया के साथ अम्मा महाराज को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए पहुंची। उन्होंने एक साथ राजमाता की समाधि पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। श्रद्धांजलि सभा में सांसद सहित प्रमुख लोगों ने राजमाता का स्मरण करते हुए उनसे जुड़े राजनीतिक स्मरण करते हुए कहा कि राजमाता प्रत्येक कार्यकर्ता की ममतामयी मां थीं। हर कार्यकर्ता को अपने परिवार व पुत्र की तरह स्नेह करती थीं। श्रद्धांजलि सभा में धर्मगुरू भी मौजूद थे। समाधि पर प्रात:कालीन सभा भी हुई। जिलाध्यक्ष कमल माखीजानी, पूर्व महापौर समीक्षा गुप्ता सहित काफी संख्या में मौजूद कार्यकर्ताओं ने श्रद्धासुमन अर्पित किए।

सिंधिया ने तारीख के अनुसार भव्य समारोह के साथ मनाया था जन्मोत्सवः केंद्रीय मंत्री व राजमाता विजयाराजे सिंधिया ने तारीख के अनुसार 12 अक्टूबर को दादी का जन्मोत्सव उत्साहपूर्वक मनाया था। सिंधिया ने पूरे परिवार के साथ अम्मा महाराज को पुष्पांजलि अर्पित की थी। श्रद्धांजलि सभा में प्रदेश के आधा दर्जन से अधिक मंत्रियों ने राजमाता को श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राजमाता के जन्मोत्सव पर ट्वीट कर पुष्पांजलि अर्पित की।

वर्जन-

मैं यहां परिवारिक कार्यक्रम में आई हूं। अम्मा महाराज को श्रद्धासुमन अर्पित किए हैं। करवा चौथ पर सभी महिलाओं को प्रणाम करतीं हूं। इससे अधिक कुछ नहीं बोलूंगी।

वसुंधरा राजे सिंधिया, पूर्व मुख्यमंत्री राजस्थान

वर्जन-

राजमाता का जीवन राष्ट्रसेवा, हिंदुत्व, गाै सेवा, और संतों की सेवा के लिए समर्पित रहा। मुझे राजमाता के साथ 15 साल कार्य करने का मौका मिला। उन्होंने कहा कि राजमाता हैसियत नहीं हस्ती थीं। हैसियत सत्ता की ताकत व पैसे के बल पर हासिल की जा सकती है, लेकिन राजमाता अपने अच्छे त्याग, बलिदान, साधन के कारण हस्ती थीं। राजमाता ने भाजपा जैसे विराट दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष और मुख्यमंत्री का पद सिर झुकाकर स्वीकार करने से इंकार कर दिया। उनकी निस्वार्थ सेवा के लिए उनके आगे मेरा मस्तक हमेशा झुकता है।

जयभान सिंह पवैया, पूर्व मंत्री

वर्जन-

राजमाता सभी की थीं। उन्होंने सामाजिक व राजनीतिक क्षेत्र में रहकर लोकहित में कार्य किए हैं। इसलिए राजमाता समूचे अंचल में श्रद्धा का केंद्र थीं। उन्हें राजनीतिक व जाति बंधनों में बांधना बेमानी होगा। मैं भी इसी भावना के साथ राजमाता को श्रद्धासुमन अर्पित करने के लिए आया हूं। इस अवसर पर प्रदेश की कैबिनेट मंत्री यशोधरा राजे से भी चर्चा हुई है, क्षेत्र के विकास को लेकर अक्सर उनसे बात होती रहती है।

सतीश सिंह सिकरवार, विधायक ग्वालियर पूर्व विधानसभा क्षेत्र

Posted By: vikash.pandey

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