Gwalior preparations of Swachh Survekshan News: ग्वालियर.नईदुनिया प्रतिनिधि। इंदौर ने स्वच्छ सर्वेक्षण में पंच मारकर पांचवीं बार देशभर में पहली रैकिंग हासिल की है, इसका कारण है, वहां पर प्रशासन सालभर स्वच्छता को अभियान मानकर काम किया। जबकि ग्वालियर इस बार 14 पायदान लुढका है। ग्वालियर की हालत देखकर अब प्रशासन सालभर स्वच्छता को अभियान के तौर पर चलाने का मन बना रहा है। इसके लिए तैयारियां भी प्रारंभ कर दी गई हैं। लैण्डफिल साइड पर कचरा निस्तारण प्लांट चालू हो रहा है। इससे खाद बनना प्रारंभ हो जाएी।

खाद बनाने के लिए स्वच्छ सर्वेक्षण में चार प्रकार के कचरे को अलग-अलग लोगों के घरों से ही करके लेना है। इसके लिए लोगों के दिमाग में यह बात बिठानी है कि कौन सा कचरा उन्हें किस डस्टबीन में रखना है। नीले डिब्बे में सूखा कचरा जिसमें घर की कागज, पॉलीथीन आदि हाेती है। हरे डिब्बे में गीला कचरा जिसमें सब्जी, रोटी आदि होती है। पीला डिब्बे में सेनेट्री पेड, डायपर, मेडिकल बेस्ट आदि , काले डिब्बे में ब्लेड, कील, लोहा, कांच आदि का कलेक्शन करना है। लेकिन नगर निगम जिन टिपर वाहनाें से कचरा कलेक्शन करता है । ऐसे मेें अब सभी घरों से अलग-अलग कचरा लेने के लिए डस्टबीन बनवाना प्रारंभ कर दिए हैं। इसके साथ ही वाटर प्लस में आने के लिए नगर निगम प्रत्येक तालाब की सफाई साल भर अभियान बतौर चलाकर कर रहा है। इससे वाटर प्लस आने में सफलता मिल सकेगी। इसके साथ ही लोगों के घरों पर पर्चाे भी बटवाए जाएंगे जिससे लोगो को पता चल सके कि कौन सा कचरा किस डस्टबीन में रखना है।

Posted By: anil.tomar

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