- ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने रेलवे बिछा रहा 273 किमी तीसरी लाइन

- आधुनिक सुविधाओं से युक्त होगी तीसरी लाइन, निजी ट्रेनें भी चलेंगी

ग्वालियर. नईदुनिया प्रतिनिधि। झांसी-मथुरा के बीच 273 किलोमीटर लंबे रेलवे की तीसरी लाइन (ट्रैक) का काम करीब 70 फीसद पूरा हो गया है। इसमें 105 किमी ट्रैक का कार्य अभी अधूरा है, जिसे पूरा करने दिन-रात काम चल रहा है। इस साल तीसरी लाइन की सौगात रेल यात्रियों को मिल जाएगी। इसके बाद यात्री इस ट्रैक पर 160 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से सफर कर पाएंगे। तीसरी रेल लाइन अत्याधुनिक व फायर अलार्म सिस्टम से युक्त है। इससे 86 रूट की उपलब्धता होगी। साथ ही 31 प्वाइंट, शंट लाइन के 20 और लाइन को 24 सिग्नल को जोड़ा गया है।

झांसी-मथुरा के बीच तीसरी लाइन का कार्य पूरा होते ही रेल संरक्षा आयुक्त निरीक्षण करेंगे। इसके उपरांत हरी झंडी मिलते ही दिल्ली से झांसी के बीच ट्रेनों का परिचालन तीसरी लाइन पर शुरू हो जाएगा। दिल्ली से बीना के बीच में अलग-अलग खंड में तीसरी रेल लाइन का काम चल रहा है। वहीं बीना से भोपाल के बीच तैयार हो चुके ट्रैक को संरक्षा आयुक्त की हरीझंडी मिल चुकी है।

वर्ष 2022 में इन क्षेत्रों में तैयार हो जाएगी तीसरी लाइन

- झांसी से दतिया-डबरा (55 किमी): ट्रैक पर फोर्मेशन, पुल बनने का काम चल रहा है। इसके बाद ट्रैक डालने का काम शुरू होगा, सितंबर से दिसंबर 2022 के बीच काम पूरा हो जाएगा।

- डबरा से आंतरी (21 किमी): ट्रैक का कार्य पूरा हो चुका है। सरंक्षा आयुक्त के निरीक्षण का इंतजार है।

- बिरला नगर से बानमौर (20 किमी): ट्रैक तैयार हो चुका है।

- बानमौर से मुरैना (19 किमी): ट्रैक लिंक करने का काम चल रहा है।

- मुरैना-हेतमपुर (15 किमी): ट्रैक का काम दिसंबर 22 में पूरा होगा।

- धौलपुर-भांडई (42 किमी): ट्रैक तैयार हो चुका है।

- खेतम से बाद (20 किमी): ट्रैक अगस्त 22 तक तैयार हो जाएगा।

- बाद से मथुरा (10 किमी): ट्रैक का काम दिसंबर 22 में पूरा होगा।

तीसरी लाइन पर यहां कठिन डगर

तीसरी रेल लाइन पर आंतरी-ग्वालियर (12 किमी) में पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण निर्माण कार्य में परेशानी आ रही है। वहीं हेतमपुर-धौलपुर (22 किमी) के बीच ट्रैक के लिए चंबल पुल का फाउंडेशन तैयार हो चुका है, अन्य काम अभी शेष है। भांडई से खेतम (26 किमी) में ट्रैक तैयार होना है। अधिकारियों का कहना है इन क्षेत्रों में ट्रैक तैयार करने में समय ज्यादा लग सकता है।

कोरोना के चलते काम में हुई देरी

केंद्र सरकार ने तीन साल पहले 2018 में मथुरा से बीना तक तीसरी रेल लाइन के निर्माण को हरी झंडी दी थी। विभिन्ना रेल खंड में रेलवे के कई विभाग मिलकर निर्माण में जुटे हैं। पहले यह निर्माण मार्च 2020 तक पूरा होना था, लेकिन कोरोना के चलते काम में देरी हुई। दूसरी लहर के खत्म होने के बाद फिर निर्माण कार्य ने रफ्तार पकड़ ली है।

यातायात नहीं होगा बाधित

तीसरी लाइन बिछने के बाद दुर्घटना होने पर ट्रैफिक बाधित नहीं होगा, क्योंकि आपात स्थिति में तीसरी लाइन से ट्रेनों को निकाला जा सकेगा। रेलवे निजी ट्रेनों को चलवा रहा है। इसके चलते तीसरी और चौथी रेल लाइन बिछवाई जानी है। नई रेलवे बिछने से ट्रेनों की स्पीड बढ़ेगी। साथ ही देश में एक हिस्से दूसरे हिस्से में मालगाड़ी भी तेजी से माल ढुलाई का काम कर सकेंगी।

वर्जन

2022 के आखिर तक झांसी-मथुरा के बीच तीसरी रेल लाइन का काम काम पूरा कर लिया जाएगा। अभी 273 किमी में से 105 किमी का काम अधूरा है, जिसे जल्द पूरा कर लिया जाएगा। उसके बाद रेल संरक्षा आयुक्त के निर्देश के बाद ही ट्रैक पर परिचालन शुरू होगा।

अमर कुमार, प्रोजक्ट मैनेजर, रेल विकास निगम लिमिटेड

Posted By: anil.tomar

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