Gwalior Railway News: ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। गोवा एक्सप्रेस के एसी कोच में सवार होकर पुणे से दिल्ली के बीच सफर कर रहे आर्मी के एक जवान की तबीयत बिगड़ गई। तबीयत इतनी खराब हो गई कि उसे बीच सफर में से वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी स्टेशन पर उतारकर अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, लेकिन इस बीच जवान का ट्राली बैग कोच में ही छूट गया। झांसी से मिली सूचना के आधार पर ट्रेन के ग्वालियर पहुंचने पर आरपीएफ ने बैग उतारकर एमसीओ के सुपुर्द किया, जहां से उसे झांसी पहुंचा दिया गया।

आरपीएफ से मिली जानकारी के अनुसार झांसी कंट्रोल से सूचना मिली थी कि मराठा रेजीमेंट्स में पदस्थ आर्मी जवान शिवणे प्रकाश महादेव पुणे से दिल्ली जाने के लिए गोवा एक्सप्रेस के एसी कोच बी-2 की सीट नंबर 40 पर सवार थे। सफर के दौरान उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने पर उन्हें उपचार के लिए वीरांगना लक्ष्मीबाई स्टेशन पर उतारकर तत्काल झांसी स्थित सेना के अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन जवान को झांसी में उतारने के दौरान उनका एक बैग कोच में ही छूट गया। इसे कंट्रोल की सूचना पर ग्वालियर में आरपीएफ के जवानों ने उतारकर ग्वालियर स्थित एमसीओ कार्यालय में पदस्थ हवलदार को सौंप दिया। एमसीओ आफिस से बैग को झांसी स्थित सेना के अस्पताल में भर्ती शिवणे प्रकाश के स्वजनों के पास पहुंचा दिया गया।

दो साल दो माह बाद पटरी पर दौड़ेगी इटावा-कोटा एक्सप्रेसः दो साल दो माह के लंबे इंतजार के बाद इटावा से चलकर कोटा जाने वाले गाड़ी संख्या 19811 व 19812 कोटा-इटावा-कोटा एक्सप्रेस फिर पटरियों पर दौड़ती नजर आएगी। 22 मार्च 2020 को कोरोना संक्रमण के चलते लगाए गए जनता कर्फ्यू के बाद ये ट्रेन आगामी 21 मई से कोटा से इटावा और 22 मई को इटावा से कोटा के बीच सफर शुरू करेगी। यह ट्रेन आगामी 21 मई को कोटा से रात 11:50 मिनट पर प्रस्थान करेगी और अगले दिन सुबह 9:50 बजे ग्वालियर पहुंचेगी। यह ट्रेन दोपहर डेढ़ बजे इटावा पहुंच जाएगी। इसी प्रकार 22 मई को इटावा से शाम पांच बजे चलकर रात 8:35 बजे ग्वालियर आ जाएगी। ये ट्रेन 23 मई की सुबह 7:05 बजे कोटा पहुंच जाएगी। ये ट्रेन शुरू होने से अंचल के यात्रियों को बहुत राहत मिलेगी, क्योंकि कोटा जाने वाली यह एकमात्र ट्रेन है। कोटा में कोचिंग हब होने के कारण बड़ी संख्या में अंचल के छात्र पढ़ने के लिए कोटा जाते हैं। कोरोना के चलते इस ट्रेन को बंद किया गया था, लेकिन हालात सुधरने के बावजूद इसे चालू नहीं किया गया। ऐसे में छात्रों और उनके अभिभावकों को परेशान होना पड़ता था। यात्री आगरा-मथुरा के रास्ते रेल मार्ग से कोटा जाते थे। वहीं कुछ लोग सड़क मार्ग से यात्रा करने के लिए मजबूर होते थे। इस ट्रेन में दो एसएलआर, छह जनरल, चार स्लीपर और एक एसी कोच रहेगा।

Posted By: vikash.pandey

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