Gwalior Railway News: ग्वालियर.नईदुनिया प्रतिनिधि। तेज रफ्तार ट्रेनों का संचालन मवेशियों के कारण प्रभावित हो रहा है। रेल लाइन पर ट्रेन से टक्कर के बाद मवेशी के शव के टुकड़े इंजन या बोगी के पहियों में फंस जाता है। इससे ट्रेनों का संचालन ठप हो जाता है। लगातार इस तरह की घटनाएं हो रही हैं। इसके लिए कार्रवाई का प्रविधान भी है। मवेशी मालिकों पर दो हजार रुपए तक का जुर्माना या दो साल तक की सजा हो सकती है, लेकिन आरपीएफ कार्रवाई को लेकर उदासीन है।

उत्तर मध्य रेलवे के अंतर्गत ग्वालियर स्टेशन पर रोजाना 120 से अधिक ट्रेनों का आवागमन होता है। ट्रेनों के समय से परिचालन के लिए रफ्तार 110 तक पहुंच जाती है। इसी बीच ट्रैक पर मवेशी आने से परेशानी खड़ी होती है। पटरी से लगकर कई ऐसे इलाके हैं, जहां तबेलों की संख्या बहुत ज्यादा हैं। यहां मवेशियों को चरने के लिए खुला छोड़ा जाता है। यह मवेशी कई बार झुंड बनाकर पटरियों पर खड़े हो जाते हैं। बानमौर व मुरैना रेलवे स्टेशनों के आस-पास ग्रामीण क्षेत्र के लोग अपने पशुओं को सुबह के समय छोड़ देते है। यह पशु रेल पटरियों के किनारे लगी घास को खाने के पटरियों तक आ पहुंचते है, जिसके चलते पशु कई बार ट्रेन की चपेट में आ जाते है, जिससे रेल परिचालन बाधित हो जाता है। रेलवे के अनुसार उत्तर मध्य रेलवे के अंतर्गत झांसी से दतिया, दतिया से डबरा, डबरा से संदलपुर के बीच इस तरह के हादसे होते है। इसके अलावा रायरू, बानमौर, बिरलानगर के बीच भी इस तरह की घटनाएं होती रहती हैं। इसके अलावा ट्रेन के गेट पर यात्रा करते समय आएदिन यात्री घायल हो रहे हैं। इसी के चलते अब आरपीएफ ने एक अभियान शुरू कर दिया है। अब अगर कोई भी यात्री गेट पर बैठकर यात्रा करते हुए पाया गया, तो वह सीधे जेल में सजा काटेगा। हालांकि यह नियम काफी पहले से है, लेकिन अब इस नियम के तहत अगर कोई भी गेट पर बैठा मिला, तो उसे सीधे जेल ही जाना पड़ेगा।

Posted By: anil.tomar

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