- याचिका की सुनवाई 20 अक्टूबर को फिर से होगी

बलवीर सिंह. ग्वालियर । हाई कोर्ट की युगल पीठ ने सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा को लेकर उपजे विवाद को खत्म करने के लिए दिशा निर्देश जारी किए हैं। संभागायुक्त की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया जाए। कोर्ट ने आदेश दिया है कि शिला पट्टिका विवाद का कारण बनी है। उस सिला पट्टिका को कमेटी की रिपोर्ट ने ढक दिया जाए। मिहिर भोज की वीरता, कार्यों से प्रेरणा लेने के लिए मूर्ति उपबल्ध रहेगी। दोनों समाज के लोगों से संयम बरतने की उपेक्षा की जाती है। प्रशासन भी सार्वजनिक स्थान पर कानून व्यवस्था बनाए रखे। याचिका की सुनवाई 20 अक्टूबर को फिर से होगी।

गोल पहाड़िया निवासी राहुल साहू ने हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की है। याचिकाकर्ता की ओर से तर्क दिया है कि सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा को लेकर दो समाजों में विवाद चल रहा है। इससे शहर में ला एंड र्डर की स्थिति बिगड़ रही। इस विवाद के चलते शहर में भय का माहौल बना हु है। इस स्थिति पर रोक लगाने के लिए प्रसाशन को दिशा निर्देश दिए जाएं। प्रशासन की ओर से पैरवी करते हुए अतिरिक्त महाधिवक्ता ने तर्क दिया कि नगर निगम ने प्रतिमा लगाने का जो प्रस्ताव पास किया था, उसमें सम्राट मिहर भोज ही लिखा गया था। इस विवाद को खत्म करने के लिए चार सदस्यीय कमेटी बना दी है, जिसकी रिपोर्ट के धार पर गे की कार्रवाई की जाएगी। क्षत्रिय समाज की ओर से अधिवक्ता सुरेश अग्रवाल ने तर्क दिया कि प्रशासन ने एक कमेटी बनाई है, उस रिपोर्ट के ने तक शिला पट्टिका को ढंक दिया जा। सम्राट मिहर भोज ही लिखा जाना चाहिए। इस नाम पर कोई पत्ति नहीं है। कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद आदेश के लिए फैसाल सुरक्षित कर लिया था। शनिवार को कोर्ट का देश गया। दोनों समाजों के बीच बन रही विवाद की स्थिति को खत्म करने के लिए दिशा निर्देश जारी किए हैं।

यह हैंं आदेश की मुख्‍य बिंदु

01- कलेक्टर ने 15 सितंबर 2021 को जांच कमेटी बनाई है। इस कमेटी में संभागायुक्त व पुलिस महानिरीक्षक को शामिल किया जाए। संभागायुक्त कमेटी के अध्यक्ष होंगे और इजी उपाध्यक्ष। कमेटी में एक सदस्य गुर्जर समाज व एक क्षत्रिय समाज का सदस्य लिया जाए। फिर भी कोई विवाद होता है तो गुर्जर समाज को अधिवक्ता रवीएस घुरैया व क्षत्रिय समाज का अधिवक्ता डीपी सिंह प्रतिनिधित्व करेंगे।

02: कमेटी ठेस सबूत व साहित्य के धार पर ऐतिहासिकता का पता लगाएगी। साथ ही इस पर भी विचार करेगी कि सार्वजनिक स्थान पर राष्ट्रीय नायक की मूर्ति के सामने जाति प्रयोग किया जा सकता है। देश में लगी सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमाओं के संबंध में भी मार्गदर्शन लेेगी। साथ ही समय पर सुप्रीम कोर्ट ने दिए संवैधानिक सिद्धांत व देशों पर भी विचार करेगी। बंद लिफाफे में रिपोर्ट पेश की जाएगी।

03- कमेटी की रिपोर्ट ने तक शिला पट्टिका को ढंका जाए, जो दो समाजों को बीच विवाद का कारण बनी है। कोर्ट ने दोनों समाज के बुजुर्ग लोगों से उपेक्षा की है कि वह लोगों को समझाएं।

Posted By: anil.tomar

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