Gwalior Ramdasivir Black marketing: ग्वालियर, नईदुनिया प्रतिनिधि। शहर में रेमडेसिवर इंजेक्शन का संकट गहरा गया है। इंदौर से सप्लाई न मिलने के कारण शहर के दवा थोक विक्रेताओं पर इंजेक्शन उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। जबकि कोरोना के मरीज लगातार बढ़ते जा रहे हैं। अस्पताल में भर्ती मरीजों को इलाज के लिए इस इंजेक्शन की आवश्यकता पड़ रही है। डाक्टर मरीज के पर्चे पर रेमडेसिवर की जरूरत लिख रहे हैं और अटेंडेंट पर्चा लेकर दुकान-दुकान भटक रहे हैं। लाेगाें काे को ऊंचे दाम में भी इंजेक्शन उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। हैरत की बात यह है कि जिला सरकार को इसकी खबर तक नहीं है । स्वास्थ्य विभाग के स्थानीय अफसराें का कहना है कि महाराष्ट्र में मरीज बढ़े ताे वहां पर रेमडेसिविर इंजेक्शन की खपत बढ़ गई। इसके बाद इंदाैर, भाेपाल में भी संक्रमिताें का आंकड़ा बढ़ा हुआ है। जाे दवा कंपनी सप्लाई देती है, उनका अधिकांश स्टॉक इंदाैर में ही रूक जाता है। एेसे में अन्य जिलाें काे सप्लाई नहीं मिल पा रही है। 1600 इंजेक्शन की मांग की थी, जब नहीं मिले ताे पांच साै की मांग की गई है। आशंका है यह मांग भी पूरी नहीं हाेगी।

हर दिन बढ़ रहे मरीज,इंजेक्शन की मांगः हर दिन कोरोना मरीजाें का अंकड़ा बढ़ रहा है। जिसके चलते निजी अस्पतालों में बेड फुल हो चले हैं। अपोलो और केडीजे अस्पताल में 45-45 मरीज भर्ती है। एक मरीज को रेमडेसिविल के 6 डोज लगते हैं । इस कारण से इंजेक्शन की मांग भी बढ़ती जा रही है। ऐसे में इंजेक्शन की पूर्ति न होने के कारण परेशानी बढ़ गई है।

मार्च में एक हजार और अप्रैल में 400 इंजेक्शन मिलेः दवा के थोक व्यापारियों का कहना है कि मार्च में 1000 हजार रेमडेसिवर इंजेक्शन की खेप इंदौर से आई थी। इसके बाद अप्रैल में 400 इंजेक्शन की सप्लाई मिली। जबकि एक मरीज को 6 इंजेक्शन की आवश्यकता होती है।

केवल गंभीर मरीजाें के लिए हाेगा इंजेक्शन का उपयाेगः काेराेना मरीजाें के लिए रेमडेसिविर इंजेक्शन का उपयाेग करने के निर्देश खाद्य एवं आैषधि प्रशासन नियंत्रक ने दिए हैं। जिसमें कहा गया है कि रेमडेसिविर इंजेक्शन काेराेना के मरीजाें के लिए आवश्यक है। इस आैषधि के उपयाेग के निर्देश भारत सरकार के ड्रग कंट्राेलर विभाग ने दिए हैं। शहर में काेराेना के मरीजाें की संख्या लगातार बढ़ रही है। एेसे में मरीजाें के लिए यह दवाई पर्याप्त मात्रा में मिले, इसके लिए अब इस दवाई का उपयाेग केवल गंभीर स्थिति में ही किया जाए। अब यह दवाई काेराेना गाइडलाइन के अनुसार ही दी जाए। साथ ही जिस मरीज काे यह दवाई दी गई है, उसका रिकार्ड रखा जाए। यह भी बताया जाए कि किन परिस्थितियाें में काेराेना के मरीज काे यह दवाई दी गई है।

पुरानी दराें से काफी कम हाे गई थी इंजेक्शन की कीमतः

कंपनी नई दर पुरानी दर

सिप्ला लिमिटेड 880 4000

हैटराे हैल्थकेयर 850 5400

जुबिलेंट लाइफ साइंसेस 1000 4800

इलिया लेबोरेटरीज 1000 3900

डा.रेड्डीज 825 5400

जाइडस् केडिला 720 899

वर्जन-

पिछले एक माह से रेमडेसिविर इंजेक्शन की जो मांग है, उसके अनुपात में सप्लाई नहीं मिल पा रही है। इस समय किसी भी थोक व्यापारी के पास रेमडेसिविर इंजेक्शन उपलब्ध नहीं है। इंदौर से सप्लाई नहीं मिल रही है, जबकि शहर में लगातार मांग बढ़ रही है।

रवि दुबे, थोक दवा विक्रेता

वर्जन-

रेमडेसिविर इंजेक्शन की कमी है। दवा कंपनियां सप्लाई नहीं दे पा रही है, जबकि निजी व सरकारी अस्पतालों से मांग बढ़ रही है। निजी अस्पतालाें में मांग अधिक है, यदि ज्यादा जरूरत न हो तो डाक्टर यह इंजेक्शन न लिखें। 500 इंजेक्शन की मांग भेजी है, उम्मीद है जल्द ही शहर के लिए सप्लाई मिल जाएगी।

दिलीप अग्रवाल ,ड्रग इंस्पेक्टर

Posted By: vikash.pandey

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