Gwalior Relax Tourism: ग्वालियर, नईदुनिया प्रतिनिधि। कोरोना संक्रमण का तनाव दिनों दिन शहरवासियों पर बढ़ता जा रहा है। ऐसे में आप परिवार व दोस्तों के साथ घूमने का प्लान कर सकते हैं। कोरोना संक्रमण की वजह से आप भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में जाना नहीं चाहते और गर्मियों की छुटि्टयों में टूर भी करना चाहते हैं, तो ऐसे में आप ग्वालियर के आस-पास के डेस्टिनेशन का चुनाव कर अपना टूर प्लान कर सकते हैं। प्रो. चंद्रशेखर बरूआ ने बताया कि संक्रमण से पहले लोग कई शहर देखने के साथ विदेश टूर का प्लान बनाया करते थे, लेकिन अब केवल रिलेक्स टूर का प्लान कर रहे हैं। शहरवासी अपना समय अच्छे से बिताने के लिए शहर से लगभग 200 से 400 किमी. दूर दो से तीन दिन के लिए छोटे टूर प्लान कर रहे हैं। कोरोनाकाल ने टूरिज्म का स्वरूप बदल दिया है। अब शहरवासी रिलेक्स टूरिज्म की ओर रुख कर रहे हैं। इसके साथ ही लोग ट्रेन या फ्लाइट में यात्रा नहीं करना पड़ा इसलिए अपनी गाड़ी में ही यात्रा करना पसंद कर रहे हैं। ओरछा, खजुराहो, देवबाग, शिवपुरी, अटेर और चंबल सफारी ईको जंगल कैंप यह ऐसी जगह हैं, जहां आप अपना कीमती समय प्रकृति, नदी के किनारे बिता सकते हैं। काम के तनाव को छोड़ और अपने बच्चों की परीक्षाएं खत्म होने के बाद लोग गर्मियों की छुटि्टयां यहां बिताने का प्लान कर रहे हैं।

रिलेक्स टूरिज्म: ऐसी जगह, जहां आप टूर कर सकते हैं प्लान

ओरछा: 122.9 किमी की दूरी पर बसा ओरछा जहां शहर से लगभग दो घंटे में पहुंचकर आप अपना कीमती समय बिता सकते हैं। बेतवा नदी के किनारे बसा यह शहर चारों तरफ से प्रकृति से घिरा है। साथ ही बुंदेला की दोस्ती की मिसाल भी है। इसके साथ ही पहाड़ियां भी देखने को मिलेंगी, जो आपको शांत वातावरण का अहसास कराएंगी। वहीं यहां आप अभयारण्य भी देख सकते हैं।

खजुराहो: शहर से 310.4 किमी की दूरी पर बसे खजुराहो आप छह घंटे का सफर कर पहुंच सकते हैं। जो विश्व धरोहर के रूप में जाना जाता है। यहां आप अपने परिवार व अकेले जाकर अपना समय ऐतिहासिक इमारतों के बीच बिता सकते हैं। यहां चौसठ योगिनी मंदिर, कंदरिया महादेव, चित्रगुप्त मंदिर, लक्ष्मण मंदिर, दुलदेव मंदिर, चतुर्भुज मंदिर हैं। यहां आप अपने को आध्यातम से जोड़ने के लिए खजुराहो का चयन कर सकते हैं।

देवबाग होटल: शहर में बना देवबाग होटल जो 17वीं शताब्दी में बना था, जो कि सिंधिया परिवार का गार्डन हुआ करता था। जहां भरपूर प्रकृति है। यहां आप अपना समय प्राकृतिक सौंदर्य के बीच बिता सकते हैं। अगर शांत जगह पर किताब पढ़ने या लिखने का मन है तो यहां बैठकर आप एक या दो दिन का समय बिता सकते हैं। यह जगह आपको ध्वनि व वायु प्रदूषण से भी दूर रखेगी। यह जगह आपको पूरी तरह प्रकृति से जोड़कर रखेगी।

शिवपुरी: शहर से लगभग 70 किमी. दूर शिवपुरी प्रदेश का पर्यटक नगर है। यहां प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने के लिए लोग काफी संख्या में पहुचंते हैं। यह नगरी ग्वालियर के सिंधिया वंश की समर कैपिटल रहा करती थी। यहां सिंधिया परिवार अपना समय बिताने पहुचंता था। यहां सबसे सुंदर छत्री है, जिसके आसपास पानी भरा हुआ है जो इसकी खूबसूरती को निखारती है।

चंबल सफारी ईको जंगल कैंप: यह शहर से लगभग दो सौ किमी. दूर है। यहां आप जंगल, नदी, प्रकृति के बीच अपना समय बिता सकते हैं। साथ ही यहां मगर, घड़ियाल, डॉल्फिन भी देखने को मिलती है। यहां आप स्टीमर से चंबल नदी की सीमित दूरी तक सैर भी कर सकते हैं। हालांकि यहां रात में रुकने की व्यवस्था नहीं है, लेकिन यहां आप अपने दिन को काफी रोमांचक भरा बना सकते हैं।

Posted By: vikash.pandey

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