ग्वालियर,(नईदुनिया प्रतिनिधि)। आइएएस और आइपीएस,जिनके हवाले शहर का जिम्मा है। यही आपके कलेक्टर,निगम आयुक्त और एसएसपी हैं। शासन की योजनाओं और रूटीन कामों की जिम्मेदारी के साथ-साथ नवाचारों की चुनौती इस सितंबर भी बरकरार रही। पूरा सितंबर औसत ही निकला है। रूटीन काम हुए हैं लेकिन शत प्रतिशत नंबर नहीं मिले हैं। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के खाते में रूटीन काम हैं, जिनमें नामांतरण-बंटवारे की स्थित सुधरी तो जल जीवन मिशन व पीएम आवास में काम हुआ। वहीं सीएम हेल्पलाइन व एंटी माफिया जैसे अहम मसलों में सफल नहीं हुए। निगम आयुक्त किशोर कान्याल सीवर लाइन व बोरिंग के कामों को करवा पाए तो असफलताओं में खराब सड़कों के गड्ढे किरकिरी करा रहे हैं। आउटसोर्स घपले में बड़ी कार्रवाई नहीं न अवैध इमारत तक चिन्हित करा सके। एसएसपी अमित सांघी के खाते में गोकशी के आरोपित जल्द पकड़ने और नशे की खेप पकड़ने की उपलब्धि है तो थाने से आरोपित भागने व पुलिस कैमरे जैसी अहम सेवा बंद होने की असफलता भी है। सितंबर माह में आपके अफसर क्या कर सके और कहां पिछड़ें नईदुनिया रिपोर्ट कार्ड में जानिए।

कलेक्टर: कौशलेंद्र विक्रम सिंह

उपलब्धिः

-नामांतरण और बंटवारे के मामलों को लेकर स्थिति सुधरी, ग्वालियर टाप 20 में शामिल हो गया।

-जल जीवन मिशन में जिले के 25 गांवों को शामिल किया गया,शेष को लेकर काम चल रहा है।

-साडा के 28 गांवों को जल समूह योजना में मंजूरी मिली है।

-पीएम आवास में बेहतर काम हुआ, सेकंड रैंक और 91 प्रतिशत काम पहुंचा है।

-खाद व बीज को लेकर ग्वालियर में शिकायतों को पूर्ण खत्म किया गया।

-राशन वितरण को लेकर समय पर वितरण हो,इसे दुरूस्त कराया गया।

असफलताः

-सीएम हेल्पलाइन में जिले में कमजोर स्थित रही

-नक्शा सुधार को लेकर राजस्व अधिकारियों ने शून्य कार्य किया।

-एंटी माफिया अभियान में कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हो सकी।

-मुख्यमंत्री जनसेवा शिविरों में रिस्पांस प्रचार के चलते नहीं आया।

नगर निगम आयुक्त: किशोर कान्याल

उपलब्धिः

-शहर में वर्षा के कारण अचानक बढ़ी सीवर लाइनों और स्ट्रीट लाइट की समस्या का तेजी से निराकरण कराया। अब शिकायतें 10 प्रतिशत बची हैं।

-पूर्व विधानसभा क्षेत्र में बोरिंग संबंधी 350 शिकायतें थीं, जिनमें से 300 शिकायतों का निराकरण करा दिया गया है। बाकी शिकायतें भी जल्द दूर होंगी।

-सड़कों का पैंच वर्क 30 सितंबर के बाद शुरू होता है, लेकिन उससे पहले ही काम शुरू करा दिया। हालांकि वर्षा के चलते थोड़ा व्यवधान उत्पन्न हुआ।

-शहर की साफ-सफाई व्यवस्था को कायम रखते हुए लगातार सक्रियता से कार्य कराया गया।

असफलताः

-आउटसोर्स भर्ती घपले में सख्त कार्रवाई नहीं कर पाए।

-शहर की टूटी सड़कों के चलते जनता परेशान होती रही।

-निचले अमले द्वारा दिशा-निर्देशों के पालन में लगातार मनमानीपूर्ण रवैया अपनाया गया।

-अवैध निर्माणों को चिह्नित कर कार्रवाई नहीं की जा सकी।

एसएसपी: अमित सांघी

उपलब्धि:

-गोकशी के मामले में 12 घंटे के अंदर चारों आरोपित पकड़े, इसमें तीन मांस बेचने वाले भी पकड़े। कानून व्यवस्था नियंत्रित की।

- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ट्रांजिट विजिट से लेकर दूसरे बड़े आयोजन हुए, जिसमें देश के दिग्गज नेता शामिल हुए। सभी कार्यक्रम शांतिपूर्ण संपन्न हुए, माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों को पहले ही पकड़ लिया गया।

- एक करोड़ से ज्यादा कीमत का गांजा और डोडा चूरा पकड़ा, इंटरस्टेट तस्कर पकड़े।

- दो साल से पेंडिंग चालान सितंबर माह में 70 प्रतिशत तक पेश कर दिए।

- थाटीपुर में महिला से दुष्कर्म और अंधेकत्ल की गुत्थी 6 घंटे में सुझाई

असफलता:

- इस महीने सीसीटीवी कैमरे से निगरानी में फेल रही पुलिस।

- दस साल से फरार आरोपित चकमा देकर भाग गया, जिसने पुलिस की किरकिरी कराई।

- शहर में ट्रैफिक व्यवस्था बनाने को लेकर प्रयोग हुए, लेकिन कुछ दिन बाद बंद हो गए और ट्रैफिक बदहाल होने लगा।

- वाहन चोरी की घटनाएं बढ़ गईं।

- एंट्री वसूली पर सख्ती हुई लेकिन यह रुकी नहीं।

Posted By: vikash.pandey

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