Gwalior Road News: ग्वालियर.नईदुनिया प्रतिनिधि । शहर में सड़कों के निर्माण में अमृत योजना के तहत बिछाई गईं पानी की लाइनें एक बड़ा अड़ंगा साबित हो रही हैं। जिन सड़कों को 15 से 20 दिन के अंदर तैयार होना था, उन पर बार-बार लाइनें फूटने से डेढ़ से दो माह का समय लग रहा है। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर द्वारा बुधवार को किए गए निरीक्षण के दौरान यह मामला सामने आया है। इसको लेकर ऊर्जा मंत्री जिला प्रशासन और नगर निगम के अधिकारियों के साथ बैठक कर इस समस्या का निराकरण कराने का प्रयास करेंगे।

भोपाल से लौटकर ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बुधवार की सुबह शहर में निर्माणाधीन सड़कों का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान वे गेंडे वाली सड़क के निर्माण कार्य से प्रसन्न नजर आए। उन्होंने स्थानीय लोगों से भी सड़क के संबंध में बात की और कहा कि जनता को भी इस सड़क पर चलने में अब सुकून मिल रहा है और इससे मुझे खुशी हो रही है। लक्ष्मण तलैया और राजपायगा रोड में अमृत योजना की लाइनें बार-बार फूटने पर उन्होंने नाराजगी जताई। उन्होंने तानसेन रोड से रेसकोर्स रोड के बीच बनाई जा रही सड़क और निर्माणाधीन रेल ओवरब्रिज का भी जायजा लिया। अमृत योजना के कारण सड़क निर्माण में आ रही बाधा को दूर करने के लिए ऊर्जा मंत्री आज सुबह 11 बजे बाल भवन में अधिकारियों की बैठक लेंगे, जिसमें संभागीय आयुक्त दीपक सिंह सहित जिला प्रशासन और नगर निगम के अधिकारी मौजूद रहेंगे। दरअसल, जिन तीन सड़कों की बदहाली को लेकर ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने जूते त्यागने का निर्णय लिया था, उन सभी में अमृत योजना की लाइनें फूटने की समस्या ही सामने आ रही हैं। लाइनें फूटने से सड़क निर्माण की प्रगति प्रभावित होती है। इसके अलावा किया गया समतलीकरण कार्य भी बर्बाद हो जाता है।

Posted By: anil tomar

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