ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। कोरोना महामारी के दौरान देशभर में सफाई मित्रों ने खराब से खराब हालात में भी काम से मुंह नहीं मोड़ा था। बिना सुरक्षा उपकरणों के भी सफाई मित्रों ने कार्य किया, जिससे कोरोना के फैलाव को रोकने में मदद मिली। इस बार स्वच्छ सर्वेक्षण 2022 में सफाई मित्रों की सुरक्षा को लेकर 900 अंक निर्धारित किए गए हैं। इनमें प्रत्येक सफाई मित्र को पीपीई किट दी जानी है, जिसे पहनकर वह क्षेत्र में सफाई कर सकें। साथ ही सफाई मित्रों को जूते-दस्ताने भी दिए जाएंगे। ग्वालियर में नगर निगम का अभी तक इस ओर ध्यान ही नहीं है।

स्वच्छ सर्वेक्षण 2022 में सुरक्षा और शिक्षा की विभिन्न कैटेगरी रखकर उनमें अंक निर्धारित किए गए हैं। इसमें हर सफाई कर्मचारी को सरकार की तीन योजनाओं का लाभ मिलना चाहिए। इससे कर्मचारी को कोई परेशानी आने पर उसके परिवार को इसका लाभ मिल सके। निगमायुक्त किशोर कान्याल का कहना है सफाई अमले को वर्दी दी जाती ही। अब स्वच्छ सर्वेक्षण में कर्मचारियों के लिए जो नियम हैं उन्हें लागू किया जाएगा।

यह है सुरक्षा के नियम

- ठोस अपशिष्ट के निपटारन में लगे कर्मचारियों को नई वर्दी, फ्लोरोसेंट जैकेट, हाथ के दस्ताने, रेनकोट, उपयुक्त जूते और मास्क का प्रविधान करना है।

- 100 प्रतिशत सफाई कर्मचारियों ने तीन प्रशिक्षण पूरे किए हों।

- सभी सफाई कर्मचारियों का डिजिटल रिकॉर्ड (नाम, पता, मोबाइल नंबर आदि) रखना, साथ ही इसे एसबीएम पोर्टल से जोड़ा जाना चाहिए।

- सभी अनौपचारिक कर्मचारियों को कम से कम तीन हितग्राहीमूलक सरकारी योजना से जोड़ा होना चाहिए। साथ ही इसे एसबीएम डिजिटल पोर्टल पर पूरा रिकॉर्ड होना चाहिए। इसमें स्वास्थ्य योजना और वार्षिक स्वास्थ्य जांच होना चाहिए।

- प्रत्येक वार्ड में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले सफाई कर्मचारी का मासिक आधार पर सम्मान करना। इसमें श्रमिक का नाम, विवरण और सम्मान की वजह स्पष्ट होना चाहिए। यदि हिदायत भी दी गई है तो उसका विवरण भी गलत नहीं होना चाहिए।

- सभी अनौपचारिक कचरा बीनने वालों को आइ कार्ड जारी करना।

- पहचाने गए सभी अनौचारिक सफाई मित्रों को आजीविका के अवसर प्रदान किए गए हैं।

वर्तमान में हमारे यहां यह है हालत

- कर्मचारियों को वर्दी नहीं मिलती है। साथ ही दस्ताने, रेनकोट, जूते, मास्क भी नहीं दिए जाते हैं। सभी कर्मचारी बिना सुरक्षा के कार्य करते हैं।

- कर्मचारियों को नगर निगम द्वारा प्रशिक्षण नहीं दिया गया। कर्मचारियों का डिजिटल रिकॉर्ड है।

- नगर निगम के कर्मचारियों को अभी किसी भी सरकारी योजना से नहीं जोड़ा गया है।

- आउटसोर्स कर्मचारियों के ईपीएफ का पैसा काटा गया पर उनके खातों में जमा नहीं किया गया। इसकी भी लोकायुक्त और ईओडब्ल्यू में शिकायत दर्ज है।

Posted By: anil.tomar

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