- बरोनी को थ्रू लाइन पर ले जाने के लिए दिया सिग्नल, उस लाइन से गुजर रही थी मालगाड़ी

Gwalior Train derailed News: ग्वालियरण. (नईदुनिया प्रतिनिधि)। रेलवे स्टेशन पर गुरुवार को उस वक्त बड़ा हादसा टल गया, जब थ्रू लाइन पर बरोनी मेल को लाने का सिग्नल दे दिया। उसी दौरान मालगाड़ी को भी गुजार दिया। मालगाड़ी के आने से बरोनी मेल डेड लाइन पर चली गई। जिससे पीछे दो डिब्बे पटरी से उतर गए। डेड लाइन पर रखे स्लीपर से टकराने के बाद ट्रेन रुक गई। इस कारण डाउन लाइन पर यातायात प्रभावित हो गया। ओएचई लाइन बंद होने से बुंदेलखंड एक्सप्रेस प्लेटफार्म नंबर तीन पर खड़ी रही। डाउन लाइन पर ट्रेफिक बहाल करने के लिए राहत कार्य शुरू कर दिया।

बरोनी मेल को परिवर्तित मार्ग से चलाया जा रहा है। यह ट्रेन झांसी की वजाए कानपुर, इटावा ,भिंड मार्ग से होते हुए ग्वालियर आ रही है। रात 9:45 बजे प्लेटफार्म नंबर दो पर पहुंची। यात्रियों के ट्रेन से उतर जाने के बाद ट्रेन को मेंटेनेंस के लिए यार्ड में ले जाया जा रहा था। इस ट्रेन को बैक करते हुए डाइन लाइन की थ्रू लाइन पर लेना था। सिग्नल मिलने के बाद लोको पायलट ने ट्रेन को बैक करना शुरू कर दिया। वहीं दूसरी ओर दिल्ली की ओर जाने वाली मालगाड़ी को भी लाइन दे दिया। मालगाड़ी भी थ्रू लाइन पर आ गई। थ्रू लाइन पर होते हुए गुजर रही थी। थ्रू लाइन का पाइंट नहीं बदला। बरोनी मेल डेड लाइन पर चली गई। इससे दो डिब्बे पटरी से उतर गए। एक बड़ी घटना होने से टल गई। क्योंकि बरोनी मेल थ्रू लाइन पर पहुंच जाती तो तेज गति से जा रही मालगाड़ी से टकरा जाती, जिससे रेलवे को बड़ी हो जाती है। इस दुर्घटना की सूचना झांसी मंडल को भी दी गई। पूरे मामले की जानकारी दी गई। राहत गाड़ी भी मौके पर पहुंच गई। बरोनी के दोनों डिब्बों को अलग किया या, जिससे डाउन लाइन शुरू हो सके।

गंभीर गलती श्रेणी में आती है ऐसी गलती

-स्टेशन पर जो हादसा हुआ है, वह गंभीर गलति की श्रेणी में आती है। इसमें जिस कर्मचारी की गलति निकलेगी, उसे बड़ी सजा मिलेगी। क्योंकि डेड लाइन पर हादसा विशेष परिस्थियों में ही होता है।

- स्टेशन पर मौजूद कर्मचारियों ने प्राथमिक पड़ताल की, उसमें आरआरआइ व लोको पायलटों की गलती सामने आ रही है। किस स्तर पर गलति हुई है। इसके लिए जांच कमेटी बनाई जाएगी। घटना के वास्तविक कारण पता किए जाएंगे।

दो नंबर पर आवागमन हुआ प्रभावित

झांसी की ओर से आने वाली ट्रेनों को प्लेटफार्म नंबर दो पर रोका जाता है। बरोनी मेल के पटरी से उतर जाने से दो व तीन नंबर प्लेटफार्म पर आवागन रुक गया। झांसी की ओर से आने वाली ट्रेनों को आऊटर पर रोका गया। ओचई भी बंद हो गई थी।

- बुंदेलखंड एक्सप्रेस वाणारसी को जाने के लिए तैयार थी, लेकिन ओएचई लाइन बंद होने से बुंदेलखंड डेढ़ घंटे से अधिक देर हो गई। उसे खबर लिखने तक रवाना नहीं किया गया था।

- रात में झांसी की ओर से आने वाली ट्रेनों का ट्रेफिक रहता है। ये ट्रेनें भी नहीं आ सकी। इस कारण स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ बढ़ गई।

- रेलवे के पास प्लेटफार्म नंबर चार से होते हुए ट्रेन गुजारने का विकल्प बचा था। बरोनी मेल को हटाने के बाद ही अावागन चालू हो सका। आधी रात तक ट्रेनें नहीं आ सकी।

- थ्रू लाइन पर मालगाड़ी खड़ी हुई थी, जिससे थ्रू लाइन की गाडियों को भी रोका गया।

Posted By: anil tomar

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