Gwalior Urban Bodies Election 2022: ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। ग्वालियर नगर निगम में भाजपा का दबदबा पिछले 51 सालों से बना हुआ है। निगम परिषद में 50 साल से महापौर भाजपा उम्मीदवार को ही चुना जा रहा है, जबकि 12 साल तक परिषद में कांग्रेस का महापौर रहा है। महापौर की सीट पर 14 नवंबर 1956 से तीन अप्रैल 1966 तक कांग्रेस का राज रहा। इसके बाद 22 मार्च 1969 से अब तक महापौर सीट पर भाजपा ही कब्जा बना हुआ है।

ग्वालियर में नगर निगम परिषद की शुरुआत 14 नवंबर 1956 से हुई थी। पहले महापौर कांग्रेस के विष्णुमाधव भागवत बने थे, उनका कार्यकाल 30 अक्टूबर 1957 तक रहा। दूसरे महापौर सैयद हामिद अली शाह को चुना गया, इनका कार्यकाल चार अप्रैल 1958 से तीन अप्रैल 1958 तक रहा। इसके बाद राजा पंचम सिंह पहाड़गढ़ को महापौर चुना, जो चार अप्रैल 1959 से तीन अप्रैल 1960 तक कुर्सी पर रहे। इसके बाद भाजपा के नारायण कृष्ण शेजवलकर महापौर बने। इनका कार्यकाल चार अप्रैल 1960 से 26 दिसंबर 1960 तक रहा। इसके बाद कांग्रेस के मेजर करतार को चुना गया, जो जनवरी 1961 से तीन अप्रैल 1961 तक बने। स्वतंत्रा संग्राम सेनानी डा. रघुनाथ राव पापरीकर महापौर बने। इनका कार्यकाल चार अप्रैल 1961 से तीन अप्रैल 1962 तक रहा। फिर चिम्मन भाई मोदी महापौर बने, इनका कार्यकाल 4 अप्रैल 1962 से तीन अप्रैल 1963 तक रहा। इसके बाद मेजर करतार सिंह 4 अप्रैल 1964 से 3 अप्रैल 1965 तक रहे। इसके बाद विष्णु माधव भागवत 4 अप्रैल 1965 से 3 अप्रैल 1966 तक रहा। इसके बाद से नगर निगम परिषद पर भाजपा का कब्जा बना हुआ है। नारायण कृष्ण शेजवलकर 22 मार्च 1969 से 21 मार्च 1971 तक दो बार रहा। इसके बाद भारत भूषण भार्गव (22 मार्च 1972 से 21 मार्च 1973), माधव शंकर इंदापुरकर (22 मार्च 1973 से 21 सितंबर 1973), माधव शंकर इंदापुरकर (पांच अगस्त से चार अगस्त 1984), डा. धर्मवीर (पांच अगस्त 1984 से चार अगस्त 1985 तक), भाऊ साहब पोतनीस (पांच अगस्त 1985 से चार अगस्त 1986), जगदीश गुप्ता (पांच अगस्त 1986 से चार अगस्त 1987) तक रहे। इसके बाद पहली महिला महापौर अरुणा सैन्या को चुना गया, इनका कार्यकाल पांच जनवरी से 1995 से चार जनवरी 2000 तक रहा। इसके बाद पूरन सिंह पलैया (सात जनवरी 2000 से नौ जनवरी 2005), विवेक शेजवलकर (एक जनवरी 2005 से नौ जनवरी 2010), समीक्षा गुप्ता (10 जनवरी 2010 से नौ जनवरी 2015), फिर विवेक शेजवलकर (10 जनवरी 2015 से पांच जून 2019 तक रहे।

Posted By: vikash.pandey

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