Gwalior Urban Bodies Election 2022: प्रियंक शर्मा, ग्वालियर नईदुनिया। इस बार नगरीय निकाय चुनाव के बाद परिषद में नजर आने वाले कई चर्चित चेहरे गायब हो जाएंगे। उनके स्थान पर पार्षदों के रूप में कई नए लोग आकर गद्दी संभालेंगे। इसके अलावा महापौर, सभापति से लेकर नेता प्रतिपक्ष तक नए चेहरे नजर आएंगे। इसका कारण यह है कि वार्डों के नए सिरे आरक्षण होने के चलते कई नए पुराने चेहरे चुनावी दौड़ से बाहर हो गए, तो कुछ स्वास्थ्य या अन्य कारणों के चलते इस बार मैदान में नजर नहीं आ रहे हैं।

वार्डों के नए सिरे से आरक्षण होने के बाद समीकरण भी बदल गए हैं, क्योंकि इनमें से अनेकों ऐसे पार्षदों के वार्ड बदल गए हैं जो कि दो से तीन बार पार्षद रहे हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि इस बार की परिषद अनुभवहीन रहेगी, जिसका लाभ अधिकारी उठाएंगे। नगर निगम चुनावों के लिए किए गए आरक्षण के चलते इस बार परिषद में 70 फीसद से अधिक नए चेहरे नजर आएंगे। इनमें महापौर से लेकर सभापति और नेता प्रतिपक्ष तक शामिल होंगे। महापौर पद के लिए दो प्रमुख दावेदार सुमन शर्मा और शोभा सिकरवार में से जो भी चुनाव जीतेगा, वह पहली बार ही महापौर बनेगा। कांग्रेस के पूर्व नेता प्रतिपक्ष शम्मी शर्मा स्वास्थ्य कारणों के चलते चुनाव नहीं लड़ पा रहे हैं। हालांकि उन्होंने पिछली बार वार्ड बदलकर चुनाव लड़ा था और हार गए थे। इसी प्रकार पूर्व सभापति गंगाराम बघेल भी चार बार पार्षद रह चुके हैं, लेकिन वे भी स्वास्थ्य कारणों के चलते चुनावी मैदान में नहीं हैं। कांग्रेस के ही पूर्व नेता प्रतिपक्ष कृष्णराव उर्फ कल्लू दीक्षित वार्ड आरक्षण के कारण चुनाव नहीं लड़ पा रहे हैं। इसी प्रकार नेता प्रतिपक्ष रहे देवेंद्र सिंह तोमर भी इस बार चुनावी मैदान में नजर नहीं आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि उनका स्वास्थ्य खराब होने के कारण वे भी चुनाव नहीं लड़ रहे हैं।

Posted By: vikash.pandey

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close