- निगरानी समय पर हो इसलिए संभागायुक्त ने स्मार्ट सिटी सीईओ को दिया जिम्मा

- ग्वालियर के पांच साल के रोडमैप में पांच हजार करोड़ करने का है प्रस्ताव

Gwalior vision document News: ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। महानगर को विकास की नई उड़ान देने वाले पांच साल के रोडमैप यानी विजन डॉक्यूमेंट की निगरानी अब प्रोजेक्ट मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर से की जाएगी। पांच साल में पांच हजार करोड़ रुपये खर्च करने वाला यह विजन डॉक्यूमेंट खुद सीएम की निगरानी में है। सात फरवरी को ग्वालियर आगमन के दौरान सीएम इस प्रजेंटेशन के पन्ने भी फाड़ ले गए थे, जिससे साफ हुआ कि वह हर प्रोजेक्ट की स्थिति व समय सीमा पर निगाह रखेंगे। यही कारण है कि ग्वालियर के रोडमैप को पटरी पर समय पर से दौड़ाने के लिए स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर की मदद ली जाएगी। इसमें सभी विभाग जुड़े हैं और अपने-अपने टास्क और हर अपडेट को ले सकेंगे।

ज्ञात रहे कि सीएम शिवराज सिंह चौहान और राज्य सभा सदस्य ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ग्वालियर के अफसरों को ग्वालियर के विकास का विजन डॉक्यूमेंट तैयार करने के निर्देश दिए थे। इसी कड़ी में ग्वालियर का विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया गया। सात फरवरी को सीएम शिवराज सिंह ग्वालियर आए और यहां राज्यसभा सदस्य सहित अफसरों के साथ रोडमैप के प्रस्ताव की समीक्षा की गई। ग्वालियर में तीन चरणों में पांच हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यह राशि केंद्र व राज्य सहित स्थानीय संसाधनों से जुटाई जाएगी।

ऐसे होगी विजन डॉक्यूमेंट की निगरानी

ग्वालियर स्मार्ट सिटी कंपनी प्रोजेक्ट मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर के माध्यम से कार्य करती है और अपने प्रोजेक्ट इससे ही पूरे करती है। संभागायुक्त आशीष सक्सेना ने प्रोजेक्ट मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर के माध्यम से विजन डॉक्यूमेंट को आगे बढ़ाने को लेकर स्मार्ट सिटी सीईओ को जिम्मा दिया है। सीईओ जयति सिंह सभी विभागों के समन्वय के साथ इस पर निगरानी रखेंगी। सॉफ्टवेयर में सभी निर्माण एजेंसियां सहित विभाग शामिल हैं जिनके पहले के प्रोजेक्ट भी मॉनीटर हुए हैं। इसमें विजन डॉक्यूमेंट में शामिल प्रोजेक्टों के संबंधित विभाग भी रहेंगे तो वे अपने कार्य की समय सीमा और स्थिति दोनों पर सतत निगाह रख अपडेट रहेंगे।

देरी-लापरवाही तत्काल आएगी सामने

विजन डॉक्यूमेंट में शामिल प्रोजेक्टों में शुरुआत होने से लेकर आगे के कार्य और समन्वय पर अब कोई भी लापरवाही और देरी तत्काल सामने आएगी। सभी विभाग प्रोजेक्ट मैनेजमेंट सिस्टम में शामिल हैं, इसलिए बहानेबाजी नहीं चलेगी। समय-समय पर इसका स्टेटस भी चेक किया जाएगा और वरिष्ठ अधिकारी समीक्षा करेंगे।

विजन डॉक्यूमेंट: एक साल में मिलने वाली योजनाएं

माधव प्लाजा, रेडीमेड गारमेंट पार्क, प्लास्टिक पार्क, अपैरल इंक्यूबेशन सेंटर, रेलवे ओवरब्रिज, आइटी पार्क, साडा, उद्यान-खेल मैदान, टाउन हाल, वीर सावरकर सरोवर, डिजिटल म्यूजियम, डिजिटल लाइब्रेरी, ड्रीम हैचर सेंटर, आइटीएमएस, स्मार्ट वाशरूम।

एक से तीन साल में मिलने वाली योजनाएं

स्मार्ट रोड, हजार बिस्तर अस्पताल, स्मार्ट एलइडी, फसाड लाइटिंग, सिटी साइनेज, गांधी मार्केट पुनर्विकास, थाटीपुर रीडेंसिफिकेशन, रेलवे स्टेशन री-डेवलपमेंट, डीआरडीइ विस्थापन, अटल मेमोरियल स्कूल, आइएसबीटी, वेस्टर्न बायपास, जल व सीवर सिस्टम, लिंक रोड, ग्वालियर चंदेरी सर्किट।

तीन से पांच साल में तैयार होने वाली योजनाएं

अटल स्मारक, चंबल से पानी, फेज दो इलेक्ट्रिक बसें, नवीन आद्योगिक क्षेत्रों का विकास, स्वर्ण रेखा पर एलिवेटेड रोड, तिघरा जलाशय में जल क्रीड़ा, टूरिज्म सर्किट का विकास, पॉटरीज व कार्पेट क्लस्टर का विकास, हेरिटेज टूरिज्म-नैरोगेज, स्टोन पार्क-द्वितीय चरण, मार्क हॉस्पिटल पर सुपरस्पेशियलिटी हॉस्पिटल, मोतीमहल परिसर में हेरिटेज होटल।

सॉफ्टवेयर से होगी निगरानी

ग्वालियर के विकास के लिए तैयार कराए गए विजन डॉक्यूमेंट के प्रस्ताव की निगरानी प्रोजेक्ट मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर के माध्यम से की जाएगी। स्मार्ट सिटी को इसका जिम्मा दिया गया है। समय सीमा में हर प्रोजेक्ट पर नजर रखी जाएगी।

आशीष सक्सेना, आयुक्त, ग्वालियर संभाग

Posted By: anil.tomar

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

 
Show More Tags