Gwalior Weather Report: बलबीर सिंह, ग्वालियर नईदुनिया। रविवार को सुबह से बादल छाए हुए हैं। इससे सुबह से उमस से भरी गर्मी ने बेहाल कर दिया। लाेग पसीने से तरबतर रहे। मौसम विभाग के अनुसार दोपहर बाद झमाझम बारिस के आसार हैं। बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र का असर दोपहर बाद दिखना शुरू हो जाएगा। मौसम विभाग ने अगले 3 दिनों तक भारी बारिश के आसार जताए हैं। सावन के सात दिनों की बारिश ने शहर में औसत बारिश करा दी है।

24 जुलाई से सावन की शुरुआत हुई थी। सावन के छह दिनों तक झड़ी लगी रही। कई साल बाद लोगों ने सावन में बारिश की एक हफ्ते की झड़ी देखी है। दिन व रात में बारिश का दौर चल रहा है। 25 जुलाई के पहले जो सूखे स्थिति बनी हुई थी, उसे सावन की छह दिन की बारिश ने खत्म कर दिया। जिले में औसत से 11 फीसद अधिक बारिश दर्ज हो गई है। बारिश ने गर्मी से भी राहत दिलाई है।

यहां बने हैं दो सिस्टमः

-मानसून ट्रफ लाइन बंगाल की खाड़ी से उत्तर प्रदेश होते हुए गंगानगर तक जा रही है। मानसून ट्रफ लाइन के ग्वालियर-चंबल संभाग दक्षिण में है।

-हरियाणा में एक कम दबाव का क्षेत्र बन गया है। दूसरा कम दबाव का क्षेत्र बंगाल की खाड़ी से बनकर झारखंड तक आ गया है। उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ा रहा है। यह दोनों सिस्टम मानसून ट्रफ लाइन के सहारे आगे बढ़ रहे हैं। इन दोनों सिस्टम से बुंदेलखंड में भारी बारिश दर्ज हुई है। श्योपुर व गुना अशोकनगर में अच्छी बारिश दर्ज चुकी है। 1 व 2 अगस्त को ग्वालियर चंबल संभाग के हर जिले में भारी बारिश बारिश होने के आसार हैं। कहीं-कहीं अति भारी बारिश हो सकती है।

सबसे ज्यादा भिंड व ग्वालियर में मेहरबान मानसूनः सबसे ज्यादा मानसून भिंड में मेहरबान है। भिंड जिले में औसत से 68 फीसद अधिक बारिश दर्ज हो चुकी है। जबकि इस जिले में मानसून की शुरुआत में कम बारिश दर्ज हुई थी। ग्वालियर जिले में औसत से 9 फीसद अधिक बारिश होने से दूसरे नंबर पर है। मुरैना बारिश में पिछड़ा हुआ है। यह जिला अभी रेड जोन में है। श्योपुर शिवपुरी औसत से ऊपर पहुंच गए हैं, जबकि दतिया सामान्य स्थिति में आने वाला है।

Posted By: vikash.pandey

NaiDunia Local
NaiDunia Local