ग्वालियर। पूरे सीजन में बेरुखी दिखाने के बाद मेहरबान हुआ मानसून सितंबर में दिल खोलकर खुशियां (पानी) बरसा रहा है। इससे जिले में सूखे की आहट तो दूर हुई ही साथ ही शहरवासियों की पेयजल की चिंता भी खत्म हो गई। सोमवार तड़के 3ः30 बजे शुरू हुई झमाझम बारिश सुबह 11ः55 बजे तक जारी रही। इस दौरान 73.9 मिमी पानी बरसा। वहीं सुबह तीन घंटे हुई मूसलाधार बारिश लोगों के लिए मुसीबत भी बन गई। सड़कों पर तालाब जैसे हालात हो गए। निचली बस्तियों में पानी भर गया। मिट्टी गीली होने की वजह से पेड़ धरासा हो गये। नाले व मुरार नदी किनारे बसे लोगों के घरों की दीवार धरासायी हो गया।

इंसुलेटर बर्स्ट होने व सब स्टेशनों में पानी भरने से बिजली गुल

बारिश की वजह से हाईटेंशन लाइनों के इंसुलेटर बर्स्ट हो गए। साथ ही सब स्टेशनों भी पानी भर गया। 40 फीसदी शहर में तीन से चार घंटे बिजली आपूर्तिं बंद रही। शिकायतों का आंकड़ा 1500 के ऊपर पहुंच गया। बारिश की वजह से लोगों की शिकायतें देर से सुनी गई। इस वजह से एफओसी पर दो से तीन बान शिकायत लोगों ने दर्ज कराई। फूलबाग फीडर पर दो बार बिजली बंद हुई।

इस बारिश के फायदे ज्यादा, नुकसान कम

1- फायदाः सितंबर के आखिरी में हुई बारिश रवी की फसल के लिए फायदेमंद है। खेतों में जोत अक्टूबर में आएगी। इससे रवी की फसलें बगैर पलैवा के बोई जा सकेंगी। जहां पर बिना पलैवा के फसल बोई जाती है, उनके लिए पानी अमृत है।

2- फायदाः जुलाई व अगस्त में बारिश नहीं होने से जिले के जलाशय खाली पड़ी थे, अब यह भर चुके हैं। इससे वाटर लेवल में बढ़ोतरी होगी, शहर का भूज स्तर भी सुधरेगा। शहर के आसपास स्थित जलाशयों में भी पानी आ चुका है।

3- नुकसनः सितंबर में हुई बारिश से खरीफ में बोए गए उड़द, मूंग और बाजरा की फसल खराब हो गई है। ये फसल पक कर तैयार हो चुकी थी, लेकिन बारिश की वजह से सड़ना शुरू हो गई है।

पिछले दस साल सितंबर में हुई बारिश के आंकड़े

वर्ष 24 घंटे में महीने में

2009 87.4 196.7

2010 159.8 322

2011 61.1 175

2012 76.8 145

2013 31.5 35.8

2014 32.6 64.7

2015 51.7 87.2

2016 1.4 3.2

2017 40 74.4

2018 56.1 144.6

2019 117.5 283.3

(नोट- टेबिल में बारिश का आंकड़ा मिली मीटर में है। 24 घंटे का ऑल टाइम रिकॉर्ड 1891 में बना था। 1891 में 316.2 मिमी बारिश हुई थी। मंथली रिकॉर्ड 1990 में बना था। 1990 में सितंबर के 30 दिन में 647.9 मिली मीटर पानी बरसा था।)

तीन महीने की औसत बारिश

जून- 71.8 मिमी

जुलाई-258 मिमी

अगस्त-290 मिमी

सितंबर-171 मिमी

(मानसून सीजन शहर में 1जून से 30 सितंबर तक रहता है। 122 दिन में औसत बारिश-790 मिमी है।)

बीते वर्ष जुलाई और अगस्त माह में हुई बारिश

वर्ष जुलाई अगस्त

2014 201.1 212

2015 316 160.7

2016 208.9 260

2017 173.9 361

2018 291.3 284.3

2019 226.2 266

मानसून मीटर

आज दिनांक बरसा पानी-866.5 मिमी

आज दिनांक की औसत बारिश-776.3

औसत से +90.2 मिमी ज्यादा

23 सितंबर 2018 तक 813.3 मिमी बारिश

Posted By: Nai Dunia News Network

fantasy cricket
fantasy cricket