Gwalior will become Sangeetdhani: ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। संगीतधानी(ग्वालियर) की नगर सरकार 17 जून की शाम तक अस्तित्व में आ जाएगी। नगर सरकार के लिए भाजपा व कांग्रेस के साथ इस बार आप (आम आदमी पार्टी) भी पूरा जोर लगा रही है। चुनाव प्रचार चरम पर पहुंच गया है। महापौर से लेकर पार्षद उम्मीदवार नए-नए वादों के साथ मतदाताओं को लुभाने अपने घोषणा-पत्र (संकल्प-पत्र) तैयार कर रहे हैं। नगर सरकार की शहर के विकास में अहम भूमिका होती है। विकास का आधार तैयार करना अहम जिम्मेदारी नगर निगम परिषद पर होती है। व्यापारियों से लेकर शहरवासियों की नई सरकार से अपेक्षाएं होना स्वाभिवक है। आठ साल बाद नगरीय निकाय चुनाव हो रहे हैं। पिछले तीन साल से नगर निगम की कमान अधिकारियों के हाथ में थी। अब शहरवासियों द्वारा चुने गए जनप्रतिनिधियों के हाथों में होगी। इसलिए संगीतधानी की नई सरकार से लोगों की अपेक्षाएं भी अधिक हैं।

संपतिकर, जलकर व गार्बेज शुल्क को छोड़कर सभी कर वापस लिए जाएंः चैंबर आफ कामर्स की नगर सरकार से कई अपेक्षाएं हैं। मानसेवी सचिव प्रवीण अग्रवाल का कहना है कि गार्बेज शुल्क भी व्यवहारिक नहीं है। भोपाल व इंदौर के मुकाबले यह शुल्क कई गुना अधिक हैं। अन्य महानगरों की तुलना कर इसे व्यवहारिक बनाया जाए। इसके अलावा व्यापारियों से अभी ट्रेड लाइसेंस सहित 20 तरह के टैक्स लिए जाते हैं। व्यापारियों को इसका अलग-अलग हिसाब-किताब रखना होता है, इसलिए शहर में संपतिकर, जलकर व गार्बेज शुल्क को छोड़कर वापस लिए जाएं। इसके अलावा विक्टोरिया मार्केट सहित विषम परिस्थितियों में व्यापारियों को अन्य स्थानों पर स्थानांतरित किया गया है। इन व्यापारियों को या तो इनके मूल स्थान पर दुकानें दीं जाएं या फिर उनके समतूल्य स्थान पर व्यापार करने के लिए स्थान दिया जाए।

पार्किंंग की व्यवस्था कर, ट्रैफिक को सुधारा जाएः सराफा बाजार एसोसिएशन के अध्यक्ष पुरूषोत्तम जैन का कहना है कि नगर सरकार से व्यापारियों सहित शहर को काफी अपेक्षाएं हैं। बाड़े को और व्यवस्थित करने के साथ ट्रैफिक में सुधार के लिए संसाधन जुटाए जाएं। शहर में पार्किंग की बड़ी समस्या है। पार्किंग के लिए नए स्थान चिन्हित किए जाएं और पार्किंग की समुचित व्यवस्था कर ट्रैफिक को व्यवस्थित किया जाए। जैन का कहना है कि लोगों पर करोड़ों का जलकर बकाया है। बकाया जलकर काे आधा माफ कर जलकर जमा कराने से नगर निगम की आय कई गुना बढ़ जाएगी। इसके अलावा शहर को स्वच्छ रखने के लिए व्यवस्था की जाए।

नया लोहिया बाजार बसाने के लिए दो-दो हजार स्क्वायर फीट स्थान दिया जाएः लोहिया बाजार एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय कट्ठल का कहना है कि नई नगर सरकार से लोगों के साथ व्यापारियों को काफी अपेक्षाएं हैं। पहले तो गार्बेज शुल्क वापस लिया जाए। इसके अलावा लोहिया बाजार में पांच सौ के लगभग व्यापारी हैं। अपना कोराबार करने के लिए हम लोगों को दो हजार के लगभग स्कवायर फीट प्लाट की आवश्यकता है। वर्तमान में 450 स्क्वायर फीट का प्लाट दिया गया है। वह आधे दुकानदारों को मिल पाया है। इसलिए नए लोहिया बाजार के विकसित करने पर फोकस किया जाए।

नए ट्रांसपोर्ट नगर की जरूरतः ट्रांसपोर्टर सुनील माहेश्वरी का कहना है कि ट्रांसपोर्ट नगर की सड़कें गड्ढों में तब्दील हो गई हैं। साफ-सफाई की व्यवस्थाएं ठप है। नए सुलभ कांप्लेक्स की मांग लंबे समय की जा रहीं हैं। नई सरकार से उम्मीद है कि सड़क निर्माण के साथ नया सुलभ कांप्लेक्स का निर्माण कराया जाए। ट्रांसपोर्ट भी शहर के मध्य आ गया है। भारी वाहनों की एंट्री में भी परेशानी होती है, इसलिए नए ट्रांसपोर्ट नगर को विकसित करने की आवश्यकता है।

नामांतरण से लेकर भवन निर्माण की अनुज्ञा में मानिटरिंग जरूरीः बिल्डर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अतुल अग्रवाल का कहना है कि व्यवस्थाओं की दृष्टि से नगर निगम से अभी कोई शिकायत नहीं है। नई कालोनी विकसित करने की अनुमति अब आनलाइन मिलने लगी है। भवन निर्माण की अनुज्ञा पहले से आनलाइन है। बस नामांतरण समय पर हो और समुचित व्यवस्थाओं की मानीटरिंग की जाए। अवैध कालोनियों के संबंध में कहना है कि समय-समय पर कार्रवाई होती है।

Posted By: vikash.pandey

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