Gwalior Yaga News: चेतना राठाैर, ग्वालियर नईदुनिया। कोरोना संक्रमण का प्रकाेप पूरे विश्व ने झेला है। जो व्यक्ति संक्रमण से पीड़ित हुए, वह अब डिप्रेशन के शिकार हो रहे हैं। ऐसे लाेगाें ने अब स्वयं को डिप्रेशन से बाहर निकालने के लिए याेग की शरण ले ली है। योग विशेषज्ञ दीपेंद्र तिवारी ने बताया कि कोरोना संक्रमण काल के बाद योग करने वालाें की संख्या पचास प्रतिशत बढ़ गई है। कोरोना से पहले तक योग कक्षाओं में वही जाते थे, जो किसी बीमारी से ग्रस्त होते थे। काेराेनाकाल के बाद तनाव से मुक्त होने के लिए लाेगाें ने योग का सहारा लेना शुरू कर दिया है। विशेषज्ञ का कहना है कि लोग घर में ही योग करके स्वयं को तनाव मुक्त रख सकते हैं। अगर दिनचर्या में से 30 मिनट योग को दिया जाए तो तनाव के साथ-साथ खतरनाक बीमारियों से भी स्वयं को बचाकर रखा जा सकता है। सबसे ज्यादा लोगों को खांसी,जुकाम और सांस की दिक्कत हो रही है, जिसे दूर करने के लिए योग सबसे अच्छा उपाय है।

रोज करें 30 मिनट प्राणायामः योग विशेषज्ञ कुलदीप यादव ने बताया कि अगर सूर्य नमस्कार,अनुलोम विलोम,कपालभाति आदि आसन किए जाएं तो खांसी,जुकाम और सांस की दिक्कत से निजात पाई जा सकती है। वहीं जो लोग पहले से ही डिप्रेशन के शिकार हैंं, उन्हें कोरोना संक्रमण से पीड़ित होने के बाद वह और भी ज्यादा तनाव से ग्रसित हो रहे हैं। ऐसे में स्वयं को बचाने के लिए लोगों को हर दिन 30 मिनट योग प्रशिक्षण देना अनिवार्य है। ऐसा करने से तनाव से लाेग मुक्त रहेंगे ही साथ ही अन्य समस्याओं से भी निजात पा सकेंगे।

Posted By: vikash.pandey

NaiDunia Local
NaiDunia Local