Gwalior zodiac change news: ग्वालियर, नईदुनिया प्रतिनिधि। 23 मई रविवार की दोपहर दो बजकर 50 मिनट पर शानि अपनी ही राशि मकर में वक्री हो जाएंगे और उल्टी चाल चलने लगेंगे। शनि 141 दिन यानी करीब पांच महीने तक वक्री अवस्था में रहेंगे। 11 अक्टूबर 2021 को प्रात: सात बजकर 44 मिनट पर शनि फिर से मार्गी हो जाएंगे, यानी सीधी चाल चलने लगेंगे। शनि एक राशि में लगभग ढाई वर्ष तक गतिशील रहते हैं। बालाजी धाम काली माता मंदिर के ज्योतिषाचार्य सतीश सोनी के अनुसार शनि की साढ़े साती की बात करें तो इनके तीन चरण होते हैं। धनु राशि वालों पर इनका अंतिम चरण चल रहा है। मकर राशि वालों पर साढ़े साती का दूसरा चरण चल रहा है और कुंभ राशि वालों पर पहला चरण चल रहा है। ऐसे में शनि की उल्टी चाल चलने के दौरान इन राशि के जातकों को कोई नया काम शुरू नहीं करना चाहिए। साथ ही धन निवेश से बचना चाहिए। मिथुन और तुला राशि पर शनि की ढैया चल रही है। ऐसे में शनि के वक्री होकर उल्टी चाल चलने के दौरान इन दो राशियों के लोगों को भी उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है। इन लोगों को मानसिक तनाव के साथ-साथ ज्यादा मेहनत करने के बाद सफलता मिलने की संभावना बनेगी। वर्तमान में वृषभ राशि में राहु हैं, शनि के वक्री होने से राहु के प्रभाव में कमी आएगी। शनि के वक्री होने से लोगों को तनाव से मुक्ति मिलेगी। बिल्डिंग मटेरियल, लोहा, कारखाने, शिक्षा, पेट्रोलियम, ईंट भट्टा, प्रॉपर्टी से जुड़े लोगों को काम करने से लाभ मिलेगा। साथ ही फैक्ट्री, इंजीनियरिंग, मेडिकल क्षेत्र से जुड़े लोगों को अच्छी सफलता मिलेगी।

शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए यह करेंः शिव उपासना और हनुमत उपासना करें। दशरथ कृत शनि स्रोत का पाठ करें। गरीबों को काले गुलाब जामुन शनिवार को खिलाएं व बुजुर्गों का सम्मान करें। हनुमान चालीसा का पाठ करें, जल में काले तिल डालकर स्नान करें। गरीबों को खिचड़ी खिलाएं, काले जूते-चप्पल व काला छाता दान करें।

शानि के वक्री अवस्था में आने से राशियों पर क्या पड़ेगा असर

मेष राशि: दशम भाव का वक्री शनि आपको प्रमोशन के साथ विवाह व प्रेम संबंध में सफलता दिलाएगा।

वृषभ राशि: शनि भाग्य स्थान में होने से भाग्योदय कराएगा।

मिथुन राशि: शनि अष्टम भाव में होने से संतान व संपत्ति में फायदा।

कर्क राशि: सप्तम भाव का वक्री शनि शत्रु पर विजय दिलाने के साथ स्थानांतरण का योग बनाएगा।

सिंह राशि: छठे भाव का वक्री शनि ससुराल पक्ष से खुशखबरी व विदेशों से लाभ के साथ संतान सुख दिलाएगा।

कन्या राशि: पांचवें घर का वक्री शनि प्रॉपर्टी से लाभ कराएगा।

तुला राशि: वक्री शनि पराक्रम के साथ, शेयर से लाभ दिलाएगा।

वृश्चिक राशि: विवाह के योग बनाने के साथ, भूमि व संपत्ति से लाभ दिलाएगा।

धनु राशि: दूसरे घर का वक्री शनि अच्छे लोगों से सपोर्ट कराएगा व सरकार से लाभ भी मिलेगा।

मकर राशि: लग्न का वक्री शनि नौकरी व व्यवसाय में परिवर्तन के योग बनाएगा। वहीं पैतिृक संपत्ति से लाभ दिलाएगा।

कुंभ राशि: वक्री शनि बारहवें स्थान में होने से धन की वृद्धि कराएगा। साथ ही लव रिलेशनशिप सुधरेंगे।

मीन राशि: ग्यारहवें भाव का वक्री शनि धन की वृद्धि कराएगा। भूमि-भवन व संपत्ति को बढ़ाएगा।

Posted By: vikash.pandey

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