ग्वालियर। नईदुनिया प्रतिनिधि। Gwalior-Chambal Division Weather Update : मानसून को लेकर इस बार ग्वालियर-चंबल संभाग के लोगों के लिए अच्छी खबर है। 20 से 28 जून के बीच मानसून संभाग में दस्तक दे सकता है। मौसम विभाग ने इस बार औसत से ज्यादा बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। जून में संभाग में पर्याप्त बारिश हो सकती है। जून का पहला बारिश का दौर 5 से 7 तारीख के बीच रहने की संभावना है। इसके अलावा शहर सहित संभाग में मानसून की हलचलें शुरू हो गई हैं।

वैसे ग्वालियर में मानसून के आगमन की तारीख 18 से 20 जून निर्धारित थी, लेकिन मौसम विभाग ने बारिश के आंकड़े के आधार पर इस बार मानसून के आगमन की तारीखों में बदलाव किया था। ग्वालियर चंबल संभाग में मानसून के आगमन की सामान्य तारीख 25 जून निर्धारित की है।

इस तारीख के अनुसार मानसून समय पर आने की संभावना है। 20 या 21 जून को मानसून की बारिश हो सकती है। अगर इस दिन नहीं हुई तो 28 जून के बाद बारिश की संभावना बनेगी। ग्वालियर चंबल संभाग में मानसून समय पर आया है तबतक औसत से ज्यादा बारिश हुई है। जुलाई व अगस्त में बारिश के मजबूत सिस्टम विकसित हुए हैं, जिससे अच्छी बारिश मिली है।

इसलिए आ सकता है जल्द मानसून

- 10 जून को पश्चिम बंगाल व उड़ीसा के बीच एक निम्न दाब का क्षेत्र विकसित हो रहा है। अगले 24 घंटे में यह आगे बढ़ेगा। यह सिस्टम बंगाल की खाड़ी की शाखा वाले मानसून को आगे बढ़ाएगा। अगर यह सिस्टम मजबूती के साथ मध्य प्रदेश पहुंचता है तो 20 से 21 जून को पूरे प्रदेश में भारी बारिश हो सकती है। इसी दिन मानसून की घोषणा हो जाएगी।

- अगर यह सिस्टम छत्तीसगढ़ के पेंड्रा से रास्ता बदलता है तो हमारा संभाग मानसून की बारिश से अछूता रह सकता है। उसके बाद 28 जून तक इंतजार करना होगा। 28 से 30 जून के बीच मानसून आएगा।

अरब सागर का तूफान कराएगा बारिश, 100 मिमि तक बरस सकता है पानी

अरब सागर में निम्न दाब का क्षेत्र विकसित हो रहा है। 2 से 3 जून के बीच अति निम्नदाब के क्षेत्र में विकसित होगा। तेज गति से आगे बढ़ेगा। महाराष्ट्र-गुजरात तट पर टकराने के बाद तूफान में बदल जाएगा। इंदौर-उज्जैन के रास्त उत्तर की ओर बढ़ेगा। यह तूफान कमजोर होकर ग्वालियर-चंबल संभाग के ऊपर से गुजरेगा। इस कारण श्योपुर, मुरैना व ग्वालियर में 100 मिमी मीटर तक बारिश कर सकता है। यह बारिश 5 से 7 जून के बीच होने की आशंका है।

- इस सिस्टम का असर सोमवार को भी देखने को मिला। शाम आसमान में बादल छा गए। तेज हवा भी चली। मौसम विभाग ने अगले 24 शहर में आधी व बारिश की आशंका जताई है।

- नौ तपा का 8 वां दिन भी नहीं तप सका। अधिकतम तापमान सामान्य से 4.1 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 5.8 डिसे कम रहा। दिन व रात में गर्मी से राहत रही। वैसे इन दिनों झुलसाने वाले गर्मी का सामना करना पड़ता है, लेकिन आंधी व बारिश ने नौ तपा की गर्मी ठंडा कर दिया है। वर्ष 2017 के बाद इस वर्ष सबसे कम नौतपा तपे हैं।

मानसून पूर्व की हलचल हुई शुरू, बारिश व आंधी आएगी

केरल पर समय पर मानसून आने से मानसून की हलचलें शुरू हो गई हैं। इस असर ग्वालियर चंबल संभाग के ऊपर भी पड़ा है। 10 जून तक आंधी, बारिश की संभावना बनी हुई है। 4 जून से 6 जून के बीच अच्छी बारिश की आशंका जताई जा रही है। जैसे-जैसे मानसून आगे बढ़ेगा, वैसे ये हलचलें तेज होंगी। बारिश जोर पकड़ेगी।

- बंगाल की खाड़ी में बनने वाले निम्न दाब के क्षेत्र से ग्वालियर चंबल संभाग में बारिश होती है। यहां से आने वाले सिस्टम छत्तीसढ़ के पेंड्र से अपना रास्ता बदल लेते थे, जिससे बारिश जबलपुर, भोपाल इंदौर होते सिस्टम गुजरात निकल जाते थे। ग्वालियर चंबल संभाग में शुरूवात में बारिश कम होती है।

- पिछले साल जुलाई व अगस्त में कम बारिश हुई, लेकिन सितंबर में रिकार्ड बारिश दर्ज हुई थी। पिछाती बारिश ने औसत बारिश का कोटा भी पूरा कर दिया था।

एक महीने में 4 से 5 निम्न दाब के क्षेत्र होते हैं विकसित

बंगाल की खाड़ी में एक महीने में 4 से 5 निम्न दाब के क्षेत्र विकसित होते हैं। पूरे देश में बारिश का संतुलन बनाते हैं, लेकिन पिछले कुछ सालों मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर व जबलपुर में ये सिस्टम ज्यादा सक्रीय हुए हैं। तीन से चार सिस्टम इसी ओर चले जाते हैं।

- अलाहबाद इटावा होते हुए दिल्ली जाने वाले सिस्टम से ग्वालियर चंबल संभाग में बारिश होती है। इस ओर कम ही सिस्टम आ रहे हैं। इस कारण हमारे यहां बारिश घट रही है और बारिश पिछाती भी होती है।

फैक्ट फाइल

- शहर की औसत बारिश-790 मिमी

- जिले की औसत बारिश-750 मिमी

- इस बार ग्वालियर-चंबल संभाग में 103 प्रतिशत बारिश की संभावना।

- मानसून आगमन की सामान्य तारीख-25 जून।

पिछले 12 साल में शहर में मानसून की स्थिति

वर्ष मानसून आया देर/लेट औसत बारिश

2008 11 जून 8 दिन पहले 995 मिमी

2009 09 जुलाई 20 देर से 399मिमी

2010 25 जून 7 दिन देर से 833 मिमी

2011 10 जून 9 दिन पहले 981 मिमी

2012 5 जुलाई 16 दिन देर से 800 मिमी

2013 11 जून 8 दिन पहले 779 मिमी

2014 15 जुलाई 26 दिन देर से 590 मिमी

2015 24 जून 4 दिन देर से 665 मिमी

2016 26 जून 6 दिन देर से 563 मिमी

2017 1 जुलाई 13 दिन देर से 708 मिमी

2018 26 जून 6 दिन देर से 853 मिमी

2019 2 जुलाई 12 दिन देर 908 मिमी

इनका कहना है

- वैसे जून में कम बारिश की संभावना थी, लेकिन वह खत्म हो गई है। अब पर्याप्त बारिश होगी। आंधी के साथ बारिश होगी। ग्वालियर चंबल संभाग में मानसून 103 फीसदी तक बारिश की संभावना है। 10 जून के बाद से मानसून की बंगाल की खाड़ी की शाखा आगे बढ़ने लगेगी। ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना में 7 से 7 जून के बीच 4 सेंटीमेटर तक बारिश हो सकती है।

वेदप्रकाश सिंह, उपनिदेशक मौसम विभाग भोपाल

Posted By: Nai Dunia News Network

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