ग्वालियर। नईदुनिया प्रतिनिधि

शहर के सबसे आकर्षक पर्यटन स्थल कटोराताल की वीरानी साल के अंत तक दूर नहीं होगी। स्मार्ट सिटी योजना की धीमी रफ्तार के कारण सैलानी दो साल से निराश हैं। योजना के तहत 2.17 करोड़ से जीर्र्णोद्धार का काम पिछले साल जुलाई में ही पूरा होना था, जो अब तक नहीं हो सका। लागत भी बढ़कर 3 करोड़ से ऊपर जा पहुंची है। संगीतमय फव्वारा लगाने के लिए अब टेंडर बुलाए हैं। इसलिए काम कब पूरा होगा, टाइम लाइन बताने को जिम्मेदार तैयार नही हैं। लगभग यही हाल स्मार्ट सिटी योजना से बनाए जा रहे तीनों खेल मैदानों का है।

अप्रैल से पूरी तरह काम ठप

वीर सावरकर सरोवर (कटोराताल) को स्मार्ट सिटी परियोजना में शामिल किया गया है। इसके सौंदर्यीकरण का 2 करोड़ 17 लाख का प्रोजेक्ट बनाया गया। जीर्णोद्धार कार्य मैसर्स कुलदीप कुमार नामक फर्म को दिया है। फर्म को 5 साल तक इसका संचालन व संधारण करना है। पूरा प्रोजेक्ट पिछले साल जुलाई में खत्म होना था। लेकिन प्रदेश में नई सरकार के गठन ने कार्यों पर ब्रेक लगा दिया। नई सरकार के प्रतिनिधियों ने योजनाओं को समझा। कटोराताल के प्रोजेक्ट में पाया कि इसमें लगने वाले संगीतमय फव्वारे का डिजाइन बहुत छोटा रखा है, इसलिए बड़ा फव्वारा लगाने पर सहमति बनी। स्मार्ट सिटी योजना के अधिकारी पिछले तीन माह से फव्वारे का डिजाइन तय नहीं कर सके। अब डिजायन तय कर टेंडर कॉल किए हैं।

निराश सैलानियों के लिए कोई स्थान नहीं

शहर के बीच कटोराताल ही एक मात्र ऐसा पर्यटन स्थल है, जहां हर मौसम में सुबह से देर रात तक सैलानियों की भीड़ रहती थी। सात साल पहले फूलबाग पर बोट क्लब को भी इसी रूप में तैयार किया गया। लेकिन 2004-05 से कटोराताल ने अपना आकर्षक खो दिया तो 2013 में बोट क्लब भी वीरान हो गया। लीकेज की बात कहकर कटोराताल में पानी भरना बंद कर दिया तो नाव भी थम गईं। यह जुआरियों, शराबियों का अड्डा बन चुका था। फरवरी 2016 में निगम ने इसका मेंटेनेंस किया और साफ पानी से कटोराताल भरा गया। 16 फरवरी 2016 से 20 नाव चलाई गईं। उधर बोट क्लब गंदगी का शिकार है। दीपावली से नगर निगम प्रशासन ने बैजाताल में नाव का संचालन शुरू किया है, लेकिन अब तक वह सैलानियों को आकर्षित नहीं कर सका है।

सिविल वर्क पूरा, परिसर में रखी सामग्री बनी परेशानी

कटोराताल में सिविल वर्क(पाथ-वे, जॉगिंग ट्रैक, दीवारों पर टाइल्स) लगभग हो चुके हैं। पाथ-वे बनने से लोग शाम को वॉकिंग को जाते हैं। वहां अभी बच्चों के लिए खेल परिसर, पानी को साफ करने फिल्टर प्लांट, संगीमय फव्वारा (म्यूजिकल फाउंटेन), बागवानी (लैंड स्केपिंग, ग्रीन स्पेश डवलपमेंट) के काम होना हैं। इसमें अभी दो-चार माह लग सकते हैं। संगीतमय फव्वारे के बाद ही फिनिशिंग वर्क की बात अधिकारी कह रहे हैं।

9 करोड़ के खेल मैदान भी तैयार नहीं

स्मार्ट सिटी योजना के तहत एमएलबी कॉलेज, जीआर मेडिकल कॉलेज तथा छत्री मंडी परिसर में खेल मैदान विकसित किए जा रहे हैं। तीनों खेल मैदान भी पिछले साल ही तैयार होने थे, लेकिन अब तक आधा काम भी नहीं हो सका है। छत्री मंडी में तो निर्माण सामग्री ने पूरे परिसर को ही अस्त-व्यस्त कर दिया है।

एक कॉल पर मिलेगा इलेक्ट्रिशियन व प्लम्बर

स्मार्ट सिटी के अधिकारियों ने योजना के तहत पब्लिक यूटिलिटी प्रोजेक्ट को जल्द लांच करने की तैयारी की है। इसके तहत एक कॉल या सूचना पर लोगों को इलेक्ट्रीशियन, प्लम्बर आदि मिल सकेंगे। स्मार्ट सिटी के वन सिटी वन एप पर लोग रिक्वेस्ट भेज सकते हैं। योजना से जुड़े अधिकारी निश्चित मजदूरी दर पर लोगों को घर बैठे इस तरह की सुविधा देंगे।

इनका कहना है

सिविल वर्क लगभग पूरा हो चुका है। बड़ा म्युजिकल फाउंटेन लगाना है। इसके टेंडर हो चुके हैं। फव्वारा लगने के बाद ही फिनिशिंग वर्क किया जाएगा। खेल मैदानों का काम भी तेज हो गया है। दिसंबर तक तीनों खेल मैदान तैयार हो जाएंगे।

महिप तेजस्वी, सीईओ स्मार्ट सिटी

Posted By: Nai Dunia News Network