ग्वालियर.नईदुनिया प्रतिनिधि। नगर निगम की तमाम कोशिशों के बावजूद भी शहर में सफाई के हालात नहीं सुधर रहे है। यह तो हुई एक बात, लेकिन खुले में सोच और पेशाब करने से भी लोग आज आपने को तैयार नहीं है। ऐसे में खुले और सार्वजनिक स्थान पर टायलेट करना कई लोगों को तब भारी पड गया। खुले में टायलेट करते निगमकर्मियों के हत्थे चढ़ गए और उन्हें पेशाब करने की सजा के रूप में प्रति व्यक्ति ढाई सौ रुपए से जेब ढीली करनी पड़ी है।

उल्लेखनीय है कि खुले में शौच गरीबों को करोड़ों रुपए देकर घरों में की प्रवृत्ति पर रोक लगाने के लिए शौचालय बनाने के साथ ही शहर में कई शौचालयों का निर्माण किया गया, लेकिन इसका उपयोग बहुत कम ही देखने को मिल रहा है, उस वक्त जरूर निगम ने लोगों पर कड़ाई की थी, लेकिन अब कोई ध्यान नहीं दे रहा। इन हालात में एक बार फिर हालात पुराने ही बनने लगे हैं लोग खुले में शौच कर रहे हैं और पेशाब भी, लेकिन आज खुले में पेशाब करने की हरकत कुछ लोगों को तब भारी पड़ गई, जबकि वह मौके पर ही घर लिए गए, हालांकि कुछ जगह पर लोग भाग भी निकले। इनके पीछे निगमकर्मी दौड़े पर पकड़कर जुर्माना किया।

उल्लेखनीय है कि सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाना, थूकना व पेशाब करने पर जुर्माने की कार्रवाई लगातार की जा रही है। इसी के तहत सार्वजनिक स्थानों पर पेशाब करने पर जुर्माने की कार्रवाई की गई, जिसमें समीर खान, सुरेश राजावत, दीपक शर्मा, संजय मलिक से ढाई-ढाई सौ रुपए जुर्माने के रूप में वसूल किए गए। कुछ स्थानों पर भी हालात ऐसे ही मिले, लेकिन लोग जुर्माना भरने के डर से भाग गए। इसी क्रम में डिप्टी कमिश्नर अतिबल सिंह यादव ने वार्ड 26, 27, 61 62 63 का निरीक्षण किया, जिसमें 12 सफाई कर्मचारी अनुपस्थित पाये जाने पर एक दिवस का वेतन काटने के निर्देश दिए। इधर उपायुक्त सत्यपाल सिंह चौहान ने आज वार्ड 15 गदाईपुरा में जब निरीक्षण किया को 49 में से 19 सफाई कर्मचारी गायब थे। वहीं यहां के डब्ल्यूएचओ उमेश दोहरे को नोटिस थमाया गया। इस वार्ड में जगह-जगह गदगी मिली, वही क्षेत्रीय लोगों की शिकायत यह थी कि सफाई कर्मचारी रोज कचरा उठाने नहीं पहुंचते।

Posted By: anil.tomar

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