ग्वालियर, नईदुनिया प्रतिनिधि। ग्वालियर चंबल एवं बुंदेलखंड के किसानाें पर ओले की मार पड़ी है। जिससे किसानाें की कमर टूट गई है। ग्वालियर में जनप्रतिनिधियाें एवं अधिकारियाें ने नुकसान का जायजा लेने के लिए ग्रामीण क्षेत्राें का जायजा भी लिया है। ओलावृष्टि से छतरपुर, निवाड़ी, टीकमगढ़, भिंड, शिवपुरी, मुरैना और दतिया में भी किसान प्रभावित हुए हैं। भिंड में आक्राेशित किसानाें ने नुकसान के जल्द सर्वे की मांग काे लेकर चक्काजाम तक कर दिया है। प्रशासनिक अधिकारियाें ने माैके पर पहुंचकर जैसे-तैसे जाम खुलवाया है। ओलावृष्टि से प्रभावित किसानाें का राे-राेकर बुरा हाल है, लाेग सरकार से मदद की गुहार लगा रहे हैं।

कहां नुकसान की क्या स्थितिः

छतरपुरः जिले के बड़ामलहरा ब्लॉक में शनिवार के बाद रविवार को सुबह एक बार फिर ओलावृष्टि हुई। सुबह तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि के कारण करीब आधा सैकड़ा से अधिक गावों में फसल पूरी बर्बाद हो गई है। किसान रो रोकर बुरा हाल है। ग्राम कर्री, टहनगा, सिरोंज, रानी खेरा, सूरजपुरा कला, सूरजपुरा खुर्द, सड़वा, रानीताल, भरवानी, छाईकुआं, बमनी, टौरिया, धनगुवा, पिपरिया, सूरजपुरा रोड, दरगुवा, मेलवार, केवलाई सहित कई गांवाें में ओलावृष्टि का कहर बर्बादी की भयावह तस्वीर बना गया है। खेतो में किसानों की दर्द भरी आवाज और सिसकियां सुनाई दे रही हैं। खेताें में खड़ी फसलें ओले की मार से जमीन पर बिछ गई है।

टीकमगढ़ः बुंदेलखंड में बीते बुधवार से लगातार रुक-रुककर हो रही बारिश ने न सिर्फ किसानों की चिंता बढ़ाई है, बल्कि फसलों को भी बर्बाद कर दिया है। टीकमगढ़ और निवाड़ी जिले के कई गांव में शनिवार की देर रात आंधी तूफान के साथ ही जोरदार बारिश हुई और इसके बाद ओले भी गिरे। रविवार को सुबह ओले गिरने के बाद किसान अपनी फसलों को देखने के लिए खेतों में पहुंचे, जहां पर फसलों को देखकर किसान रो पड़े। किसानाें ने अब सरकार से मुआवजा की मांग की है। हालांकि अभी तक प्रशासन के कोई भी अधिकारी और कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचे हैं। जबकि टीकमगढ़ के मोहनगढ़ क्षेत्र और निवाड़ी जिले के पृथ्वीपुर क्षेत्र में जमकर ओले गिरे हैं। काफी मात्रा में ओले गिरने के बाद फसलें खेत में बिछ गई है।

भिंडः जिले के दबोह क्षेत्र के बीसनपुरा, मुरावली, दावनी सहित अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में ओलावृष्टि होने से फसल को हुए नुकसान को लेकर किसानों ने दावनी बंबा के पास रविवार की सुबह चक्काजाम कर दिया। किसान खेतों में हुए नुकसान का सर्वे कराए जाने की मांग कर रहे थे। इसके बाद मौके पर पहुंचे लहार एसडीएम आरए प्रजापति ने ओलावृष्टि से खराब हुई फसल का तुरंत सर्वे कराए जाने की बात कहकर जाम को खुलवाया। साथ ही एसडीएम ने कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर ओलावृष्टि से हुए नुकसान का सर्वे भी किया।

ग्वालियरः जिले के डबरा एवं भितरवार में ओलावृष्टि के 40 से 50 प्रतिशत फसलों को नुकसान होना बताया गया है। चना मटर और सरसों को ज्यादा नुकसान हुआ है। खेताें में खड़ी गेंहू की फसल काे भी काफी नुकसान हुआ है। डबरा क्षेत्र में आधा दर्जन से अधिक गांव में रात के समय ओले गिरे। वहीं भितरवार ब्लॉक में 2 दर्जन से अधिक गांवों में तेज बारिश के साथ ओले गिरे। क्षेत्र से संबंधित किसानों की फसल खराब हो गई है। प्रशासनिक अधिकारियों की टीम की ओर से रविवार को ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण किया गया और नुकसान की सर्वे की रिपोर्ट बनाई गई है। प्रथम दृष्टया दोनों ही विकासखंड में 40 से 50 प्रतिशत फसलों के नुकसान की आशंका जताई गई है। भितरवार में करीब डेढ़ सौ हेक्टेयर में चना और सरसों की फसल को नुकसान हुआ है, वहीं डबरा में सिमरिया पिछोर चोमू छीमक आदि गांव में ओले गिरने से गेंहू, चना, मटर आदि फसलों को नुकसान हुआ है। डबरा क्षेत्र में 50 हेक्टेयर में खड़ी फसल प्रभावित हुई है।

Posted By: vikash.pandey

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