- इटवा-कोटा में ग्वालियर से पहला टीटीई स्टॉफ मशीन को लेकर हुआ रवाना

ग्वालियर. नईदुनिया प्रतिनिधि। उत्तर मध्य रेलवे झांसी मंडल ने टीटीई को हैंड हेल्ड टर्मिनल डिवाइस दिए हैं। उन्हें कागज पर प्रिंट चार्ट नहीं दिया जा रहा है, लेकिन इस डिवाइस में इंटरनेट कनेक्टिविटी नहीं मिल रही। बीच रास्ते यात्रियों की टिकट चैक करने सहित खाली सीटों का ब्यौरा दर्ज करने के लिए टीटीई को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस कारण खाली सीटों की सुविधा यात्रियों को नहीं मिल रही। कागजी कार्रवाई खत्म करने और ट्रेनों से चार्ट सिस्टम खत्म करने के लिए रेलवे ने कुछ दिन पहले शताब्दी सहित कई ट्रेनों में हैंड हेल्ड मशीन की सुविधा शुरू की थी।

हबीबगंज रेलवे स्टेशन से चलने वाली शताब्दी के स्टाफ को टर्मिनल को इंटरनेट से जोडऩे के लिए पर्सनल वाई-फाई को इस्तेमाल करना पड़ रहा है। इसी प्रकार बीच रास्ते सफर के दौरान अधिकांश स्थानों पर इंटरनेट कनेक्टिविटी नहीं हैं। इस कारण हैंड हेल्ड टर्मिनल पर खाली सीटों को अपडेट करना मुश्किल हो रहा है। रेलवे कर्मचारियों ने बताया कि बिना इंटरनेट सुविधा के यह मशीन किसी काम की नहीं है, न तो चार्ट चैक हो पा रहा है।रेलवे का दावा 5जी सिम है मशीनों मेंउधर रेलवे अधिकारियों का दावा है कि एचएचटी मशीनों में 5 जी सिम पोर्ट की गई है। ऐसे में इंटरनेट की कोई समस्या हो नहीं सकती। न छापने की शर्त पर टीटीई ने बताया कि कुछ छोटे स्टेशनों के बीच इंटरनेट काम नहीं करता है।

ग्वालियर में पहला स्टॉफ रवाना

इटावा-कोटा के बीच जाने वाली ट्रेन मे टीटीई स्टॉफ एचएचटी मशीन को लेकर रवाना हुआ। अब अगले दिन पता चलेगा कि मशीन ठीक से काम कर रही है या नहीं। यहां बता दे कि मंगलवार को दोपहर 30 टीटीइ को टैबलेल दिए गए हैं। टीटीइ को मंडल के अधिकारियों द्वारा प्रशिक्षण देकर टैब सौंपे गए। सुविधा भिंड रतलाम इंटरसिटी, ग्वालियर रतलाम इंटरसिटी, ग्वालियर भोपाल इंटरसिटी और कोटा- इटावा एक्सप्रेस में शुरू हो रही है।

Posted By: anil tomar

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