ग्वालियर। नईदुनिया प्रतिनिधि। श्रावण मास की कृष्णपक्ष अमावस्या को हरियाली अमावस्या के रूप में मनाया जाता है। इस साल हरियाली और सोमवती अमावस्या एक ही दिन 20 जुलाई को मनाई जाएगी। इससे पहले वर्ष 2000 में सोमवती और हरियाली अमावस्या एक ही दिन पड़ी थीं। इस बार अमावस्या तिथि का प्रारंभ 19 जुलाई की रात्रि 12 बजकर 9 मिनट से होगा, जो कि 20 जुलाई की रात्रि 11 बजकर 2 मिनट तक रहेगी।

ज्योतिषाचार्य गौरव उपाध्याय के अनुसार शास्त्रों में हरियाली अमावस्या के दिन पीपल, आंवला, नीम, आम, आदि छायादार एवं फलदार पेड़ लगाने की परंपरा है।

तिषाचार्य एचसी जैन के अनुसार अमावस्या के दिन पितरों की कृपा से निमित तर्पण पिंडदान करने की परंपरा है, जिससे मनुष्य को पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है। सोमवती व हरियाली अवमास्या के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग भी रहेगा।

इसके साथ ही रात्रि में पुष्प नक्षत्र योग के आने से सोम पुष्प नक्षत्र योग भी बनेगा। सर्वार्थसिद्धि योग पुनर्वसु नक्षत्र श्रावण मास का सोमवार होने से मिथुन व कर्क राशियों के संयोग से इस बार विशेष महत्व माना जा रहा है। हरियाली अमावस्या के दिन भक्त भगवान शिव की आराधना कर अच्छी बारिश की कामना करते हैं।

Posted By: Nai Dunia News Network

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Ram Mandir Bhumi Pujan
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