- सोसायटी आफ एनेस्थीसियाेलाजिस्ट ने कहा एसआर का निजी अस्पताल में सेवाएं देना गलत

ग्वालियर. नईदुनिया प्रतिनिधि। निजी अस्पताल में सेवाएं देने पर जीआर मेडिकल कालेज प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। डीन डा अक्षय निगम ने सभी विभागाध्यक्षों से एसआर(सीनियर रेजिडेंट डाक्टर) द्वारा निजी अस्पताल में दी जा रही सेवाओं को लेकर जानकारी मांगी और मामले की पूरी जांच करने के निर्देश दिए हैं। जिसको लेकर एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष डा प्रीति गोयल ने एनेस्थीसिया विभाग के एसआर रजत व उपेन्द्र शर्मा को कारण बताओ नोटिस थमा दिया है। जिसका दो दिन में जबाव मांगा है। इधर सोसायटी आफ एनेस्थीसियोलाजी संस्था के सचिव डा रेखा अग्रवाल ने नर्सिंगहोम एसोसिएशन के अध्यक्ष को पत्र लिखकर अवगत कराते हुए संभागायुक्त ,कलेक्टर, जीआरएमसी के डीन व जेएएच अधीक्षक को पत्र लिखा है। जिसमें निजी अस्पताल में सेवाएं देने पर चिंता व नाराजगी जाहिर की साथ ही कहा है कि निजी या सरकारी अस्पताल में होने वाली किसी भी दुर्घटना के लिए संस्था जिम्मेदार नहीं होगी। क्योंकि एसआर का निजी अस्पताल में सेवाएं देना गलत है।

एसआर ने मानी गलती

जेएएच के रेडियोलोजी विभाग के दो एसआर निजी अस्पताल में सेवाएं देने जाते थे। जिस समय डीन सोमवार को रेडियोलाजी पहुंचे उस वक्त दोंनो एसआर निजी अस्पताल में ओपीडी संभाल रहे थे। जब डीन ने उन्हें तलब किया तो दोंनो एसआर ने अपनी गलती को स्वीकार कर लिया और डीन से माफी मांगते हुए पुनरावृत्ति न होने का आश्वासन दिया। डीन का कहना है कि जिन एसआर ने गलती को स्वीकार किया है उन्हें नौकरी से तो नहीं निकाला जाएगा लेकिन दंड के भागी तो वह भी बनेंगे।

अनुबंध तोड़ा तो लौटानी होगी अनुबंध राशि

जेएएच के जो एसआर निजी अस्पताल में सेवाएं दे रहे हैं उनमें कुछ एसआर की एसआरसिप 10 से 15 दिन की बची है। इसलिए यह एसआर जेएएच की नौकरी छोड़ने का मन बना रहे हैं। लेकिन जेएएच प्रबंधन का कहना है कि यदि एसआर बीच में नौकरी छोड़ता तो उसे अनुबंध के अनुसार अनुबंध राशि देनी होगी, साथ ही उसे उतने कम दिन की एसआर का प्रमाण पत्र मिलेगा जिससे एसआर को आगे काम करने में परेशानी आएगी।

इनका कहना है

मुझे अखबार के माध्यम से जानकारी मिली है, पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और कार्रवाई की जाएगी। यदि दोषी पाए जाते हैं ताे उनका एनएमसी से रजिस्ट्रेशन तक रद्द हो सकता है।जेएएच के मरीजों के साथ धोखा करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।

डा आरकेएस धाकड़ ,अधीक्षक जेएएच

दो एसआर ने मेरे सामने ही स्वीकार कर लिया कि वह निजी अस्पताल में ड्यूटी देते हैं ,बाकी के एसआर की जांच कराई जा रही है। विभागाध्यक्षों को जांच के निर्देश दे दिए गए हैं दोषी मिलने पर कार्रवाई होगी।

डा अक्षय निगम, डीन जीआर मेडिकल कालेज

Posted By: anil tomar

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