Health Tips: ग्वालियर. नईदुनिया प्रतिनिधि। मौसम में ठंडक बढ़ने के साथ ही न्यूरोलाजिकल परेशानियों बढ़ जाती है। ठंड के कारण खून में गाड़ापन आने से दिमाग में इसकी सप्लाई बाधित होने लगती है। जिससे चेहरे का टेढ़ा होना, एक तरफ के हाथ-पैर का काम न करना, बोलने में दिक्कत, शरीर का संतुलन बिगड़ना, आंखों से कम दिखना आदि लक्षण दिखे तो यह ब्रेन स्ट्रोक हो सकता है। यदि इनमें से कोई भी लक्षण दिखे, तो डाक्टर के परामर्श पर चार घंटे की भीतर यदि मरीज को खून का थक्का बनने से रोकने वाला इंजेक्शन मिल जाता है, तो खतरा टल सकता है। इससे बचाव के लिए शुगर, उच्च रक्तचाप और कोलस्ट्रोल पर ध्यान देना जरूरी है। न्यूरो संबंधी रोगों का समय रहते इलाज न होने पर समस्या ज्यादा बढ़ जाती है।

न्यूरोलाजी संबंधी रोगों में आमतौर पर बोलने में अंतर आना, शारीरिक असंतुलन, शरीर में अकड़न, कमजोरी, याददाश्त में कमी, उठने, बैठने, चलने में परेशानी, शरीर में कंपन, मांसपेशियों का कठोर होना, निगलने में कठिनाई आदि लक्षण होते हैं। इसी के साथ कंप्यूटर, मोबाइल में अधिक समय देना, नींद पूरा न होना, तनाव और बे तरतीब जीवनशैली की वजह से माइग्रेन की समस्या बढ़ती है। यह रोग आज के समय में आम हो चुका है। आमतौर पर लोग माइग्रेन से सिर दर्द में दवाओं का उपयोग करते हैं। मगर, पेन किलर का अधिक सेवन भी नुकसानदेह है। इन्हीं सब परेशानियों से कैसे बचा जाए इसके लिए नईदुनिया के हेलो डाक्टर कार्यक्रम में बुधवार शाम 4:30 से 5:30 बजे के बीच आयोजित किया जा रहा है। जिसमें आप फोन नंबर 0751-4711031 पर संपर्क कर न्यूरोलाजिस्ट डा पंकज गुप्ता से अपनी परेशानियों को लेकर परामर्श ले सकेंगे।

निशुल्क नेत्र प्रशिक्षण शिविर आज

श्री वीर शिक्षा समिति ग्वालियर द्वारा ग्वालियर शहर के सबसे बड़े आंखों के अस्पताल रत्न ज्योति हास्पीटल के सहयोग से नेत्र परीक्षण एवं मोतियाबिंद ऑपरेशन शिविर का शुभारंभ बुधवार को प्रातः 9 बजे ग्वालियर शहर के शिक्षाविद्, समाज सेवी विजय कुमार गुप्ता द्वारा दीपक प्रज्ज्वलित कर किया जाएगा।

Posted By: anil tomar

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