- बारिश में बाहर खान पान से बचें और जलभराव न होने दें

ग्वालियर. नईदुनिया प्रतिनिधि। बाहर का खाना बीमार कर सकता है इसके साथ ही जलभराव होने से डेंगू फैल सकता है। क्योंकि इस वक्त अस्पताल में डेंगू के शिकार मरीज और खान पान से होने वाले बीमार पहुंच रहे हैं। शुक्रवार को एक 14 साल की बच्ची डेंगू संक्रमित पाई गई ।बरसात के दिनों में बीमारियों की गिरफ्त में तेजी से आते हैं । उक्त खाद्य पदार्थों में साफ सफाई अभाव रहता है।

गोलगप्पे के पानी में इस्तेमाल होने वाले पानी दूषित हो सकता है।शुगर स्तर भी घट जाता है। रोगी को दस्त लग जाते हैं और उसे शरीर में पानी की कमी से जूझना पड़ता है। समय रहते ध्यान न देने पर स्थिति जानलेवा हो सकती है। इसलिए बाहर का खान पान बरसात के मौसम में न करें या फिर कम से कम करें। बाहर का खाना दूषित हो सकता है। आज के समय में खााने में खराब तेल का प्रयोग लोगों केा बीमारी दे रहा है। बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है तो वह जल्दी इसकी गिरफ्त् में आ जाते हैं। इसलिए बारिश के मौसम में विशेष सावधानी रखें और खाने पीने में साफ सफाई और गुणवक्ता का विशेष ध्यान रखें। ज्यादातर लोग घरों में आरओ का पानी इस्तेमाल करते हैं। वही चाऊमीन और बर्गर में इस्तेमाल होने वाली टिक्की व सास भी पेट खराब कर सकती है। इन दिनों खासकर बच्चों को इन खाद्य पदार्थों से दूर रखना चाहिए। जेएएच के मेडिसिन विभाग के डा मनीष शर्मा का कहना है कि हैजा, डायरिया जैसे रोग प्रदूषित पानी से फैलते हैं। बरसात में इसके संक्रमण की संभावना सबसे ज्यादा होती है।

नमी में हैजा का बैक्टीरिया आसानी से फैलता है। ऐसे में आप को भी मानसून यानी बरसात में होने वाली रोगों को लेकर सतर्क रहना होगा।विशेषज्ञ चिकित्सकों के अनुसार बरसात में खुले में बिकने वाली चीजें खाने से परहेज करना चाहिए। गोलगप्पों के साथ खुले में बिकने वाले चाट, चाऊमीन, नूडल्स और बर्गर खाना इस समय उचित नहीं है। अगर खाना भी है तो ध्यान दें कि वेंडर की शॉप साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखा गया हो। सर्व करते समय उसने हाथ में दस्ताने पहने हों। मेडिसिन के डा आशीष तिवारी का कहना है कि हैजा कालरा बैक्टीरियम से फैलता है। इसके रोगी का रक्तचाप कम हो जाता है और दिल की धड़कन बढ़ जाती है। उल्टी, दस्त के साथ घबराहट होती है।

Posted By: anil tomar

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