Health tips: ग्वालियर. नईदुनिया प्रतिनिधि। वातावरण में ठंडक बढ़ने लगी है। सभी लोग अपने दिल का ख्याल रखें क्योंकि ठंड के मौसम में ह्दय संबंधी परेशानियां तेजी से बढ़ने लगती हैं। पिछले 15 दिन में दिल के रोगियों की संख्या ओपीडी में 50 फीसद बढ़ गई है। बुजुर्ग से लेकर युवा बीपी व ह्दय घात की परेशानी लेकर जेएएच के कार्डियोलाजी विभाग में पहुंच रहे हैं। हालात यह है कि मरीजों में युवाओं की संख्या सर्वाधिक है। युवाओं में बढ़ती दिल की समस्या परेशानी का कारण बन रही है। क्योंकि अभी तक युवाओं की अपेक्षा बुजुर्गों में बीपी, ह्दयघात की परेशानी देखने को मिलती थी। लेकिन अब माहौल बदल गया है। सर्दी के मौसम में तापमान कम होने से खून के थक्के जमने लगते हैं। इसकी वजह से ब्लड प्लेटलेट्स का ज्यादा सक्रिय होना होता है। इसके साथ ही ठंड की वजह से दिल की धमनियों में ज्यादा सिकुड़न आ जाती है। इन वजह से दिल में खून और आक्सीजन का बहाव कम हो जाता है तथा रक्तचाप बढ़ने लगता है। जिससे दिल की समस्या खड़ी हो जाती है। जेएएच में सामान्य दिनों की अपेक्षा इस मौसम में दिल के रोगियों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। कार्डियोलाजी विभाग के डा रात रावत का कहना है कि सर्दी में दिल की समस्या होने लगती है। इसलिए सावधानी रखनी जरुरी है। लोगों केा अपनी आदतों को सुधारना होगा और तला भुना खाने की आदत में भी बदलाव करना होगा। सर्दी के मौसम में यदि बीपी बढ़ रहा है या फिर सीने ,हाथ में दर्द की शिकायत हो रही है तो एक बार डाक्टर से परामर्श लेना चाहिए। जिनकी उम्र 40 पार हो चुकी है उन सभी लोगों केा एक बार अपने शरीर की पूरी जांच जरुर करानी चाहिए। जिससे यदि किसी तरह के शरीर में ब्लाकेज बनने की आशंका हो तो उसे समय रहते रोका जा सके और परेशानी को टाला जा सके।

Posted By: anil tomar

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