ग्वालियर, नईदुनिया प्रतिनिधि। हाई कोर्ट की एकल पीठ ने पुलिस अधीक्षक ग्वालियर से दो सप्ताह में शपथ पत्र मांगा है। कोर्ट ने पूछा है कि महाराजपुरा थाना में दर्ज धोखाधड़ी के गंभीर मामले में डेढ साल तक विवेचना लंबित क्यों रखी गई? इसके लिए दोषी थाना प्रभारी व विवेचना अधिकारी के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई? एसपी से शपथ पत्र पर जवाब मांगा है।

ग्राम महाराजपुरा निवासी रामजीत सिंह ने अधिवक्ता अवधेश सिंह भदौरिया के माध्यम से याचिका हाईकोर्ट में लगाई है। अधिवक्ता भदौरिया ने तर्क दिया कि एफआइआर दर्ज होने के बाद दोनों आरोपितों ने पुलिस थाना महाराजपुरा से सांठगांठ कर ली, इसलिए पिछले 2 वर्ष से मामले की विवेचना में कोई प्रगति नहीं हुई। इधर बैंक फर्जी लोन निकालने के मामले में याचिकाकर्ता के मकानों को कुर्क करने की कार्रवाई कर रहा है। पुलिस की लापरवाही के चलते न केवल याचिकाकर्ता के साथ धोखाधड़ी के मामले में कोई कार्रवाही नहीं हो रही, बल्कि बैंक भी गलत तरीके से उसके मकानों को कुर्क करना चाहती है। यदि पुलिस मामले में शीघ्र विवेचना पूरी कर ले तो आरोपित यथाशीघ्र कानून के फंदे में होंगे। बैंक को भी असलियत मालूम हो जाएगी। बैंक असली आरोपितोंके खिलाफ कार्रवाई कर अपनी लोन की राशि वसूल कर सकेगी। हाई कोर्ट ने इस मामले में नाराजगी जताते हुए पुलिस अधीक्षक ग्वालियर को आदेशित किया है कि मामले की जांच को इतने समय से लंबित क्यों रखा है? इसके संबंध में पुलिस अधीक्षक अपना स्पष्टीकरण हाई कोर्ट में प्रस्तुत करें। साथ ही अपने शपथ पत्र पर यह भी बताएं कि उक्त मामले को लंबित करने वाले विवेचना अधिकारी तथा थाना प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई। याचिका की सुनवाई 9 नवंबर को होगी।

क्या है मामला:

रामजीत सिंह के पिता स्व.मातादीन सिंह गुर्जर के नाम सर्वे क्रमांक 236, 237 एवं 262 के अंतर्गत महाराजपुरा क्षेत्र में जमीन है। अधिवक्ता भदौरिया ने बताया कि यशपाल सिंह ने मातादीन सिंह गुर्जर के स्थान पर किसी अन्य व्यक्ति को खड़ा कर दिया। मातादीन के एक मकान की रजिस्ट्री यशपाल सिंह ने खुद के नाम, दूसरे मकान की रजिस्ट्री किला गेट निवासी धीरज जैन पुत्र श्री कमल किशोर जैन के नाम करा दी। उक्त दोनों रजिस्ट्री के ऊपर मातादीन के स्थान पर अन्य किसी व्यक्तियों के फोटो हैं और किसी अन्य व्यक्ति के हस्ताक्षर हैं। दोनों रजिस्ट्री पर हस्ताक्षर अलग-अलग हैं। इस प्रकार यशपाल सिंह तथा धीरज जैन ने मातादीन के साथ-साथ बैंक के साथ भी धोखाधड़ी की है। महाराजपुरा थाने ने यशपाल सिंह व धीरज जैन के खिलाफ केस दर्ज किया था। जिस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।

Posted By: vikash.pandey

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