बाजार में खपत जारी, चोरी छुपे बिक रही है प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक

ग्वालियर.(नईदुनिया प्रतिनिधि)। शहर में प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक के उत्पादों की न तो खरीददारी थम रही है और न ही उनका उपयोग । दिन भर में कई लोग आज भी हाथों में प्लास्टिक की थैलियां लेकर यहां-वहां घूमते दिख जाते है। एक तरफ प्रशासन लगातार प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक के उत्पादों के लिए छापेमारी करने के दावे करता है, वहीं दूसरी ओर सभी प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक के उत्पाद चोरी छुपे लगातार बिक रहे है। ब्लैक में मिलने पर भी इनकी खरीद-फरोख्त में कोई नहीं कमी आइ है। दुकानदारों से इसके बारे में पूछने पर पता चला कि बाजार में मौजूद इनके वैकल्पिक उत्पादों की कीमतें इनसे लगभग ढ़ाइ से तीन गुना मंहगे है । यही कारण है कि शहर और शहरवासी इन वैकल्पिक उत्पादों को स्वीकार नहीं कर रहे है। नईदुनिया ने जमीनी पड़ताल कर के कई तत्थ्य जाने , आप भी पढ़िए क्या है हकीकत...!

विक्टोरिया मार्केट में डिस्पोजल बर्तनों के व्यापारी प्रकाश चंद ने बातचीत के दौरान बताया कि शहर में कई जगह आज भी चोरी छुपे प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक के उत्पादों की बिक्री चालू है । इसका सबसे बड़ा कारण प्रतिबंधित उत्पादों और उनके विकल्पों की कीमतों में बड़े फर्क का होना है । जब तक उचित कीमतों में सही उत्पाद नहीं मिलेंगे तब तक इस समस्या का समाधान मिलना मुश्किल है।

कीमतों में है तीन गुना फर्क-

प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक - वैकल्पिक उत्पाद

1- पोलिथिन बैग(160 रू में 220 नग) - कपडे के थैले (160 रू में 65-70 नग)

2- गिलास (40 रू में 100 नग) - कागज के गिलास (70 रू में 100 नग)

3- थर्माकोल की थाली (25 रू में 25 नग) - इको फ्रैंडली थाली (200 रू में 25 नग)

4- प्लास्टिक चम्मच (50 रू के 100 नग) - लकडी की चम्मच (100 रू में 100 नग)

वर्जन:-

प्रतिबंधित प्लास्टिक के उत्पादों को लेकर सरकार और प्रशासन की कार्रवाइ धीमी पड़ चुकी है । वहीं जो वैकल्पिक उत्पाद हैं उनकी स्वीकार्यता नहीं है । इस तरह सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त शहर बनाना कड़ी चुनौती साबित होगा।

प्रकाश चंद, डिस्पोजल बर्तन के व्यापारी, विक्टोरिया मार्केट

Posted By: anil tomar

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close